बिहार व झारखंड को जोड़ने को यहां बनेगी एक और पुल, …जानिए

बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि बिहार-झारखंड को जोड़ने के लिये मनिहारी में एक और पुल का निर्माण होगा। मोकामा-मुंगेर रोड टू लेन है। इसे भी फोर लेन करने की कवायद शुरू हो गयी है।

इसके लिये केंद्र सरकार से बात की गयी थी। वहां से सकारात्मक जवाब मिला है। श्री यादव विश्वेश्वरैया की जयंती पर बिहार अभियंत्रण सेवा संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काम अब राष्ट्र स्तर पर दिख रहा है।

वर्ष 2015 में सवा लाख करोड़ रुपये बिहार को केंद्र सरकार से मिला था। इसमें से 54000 करोड़ रुपये पथ-पुल निर्माण के लिये था। पिछले 12 सालों में सड़कों की तस्वीर तो बदली ही है, पुलों की संख्या भी बढ़ी है। आरा-छपरा के बीच पुल निर्माण पूरा होकर चालू भी हो गया। दीघा पुल भी चालू है। बक्सर में एक और पुल निर्माण होना है।

अगले साल गांधी सेतु पर पश्चिमी छोर से आवागमन शुरू हो जायेगा। गांधी सेतु के बगल में भी पुल निर्माण की योजना है। इस पर काम शुरू हो चुका है। मोकामा में छह लेन पुल बनेगा। भागलपुर में एक और पुल बनाने की तैयारी है। श्री यादव ने कहा कि सरकार की नीति बदली है, नीयत ठीक हुई है। इससे हालात बदलना लाजिमी है। अभियंताओं के पास चुनौतियां हैं, पर उनमें क्षमता भरपूर है।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री विनोद नारायण झा ने कहा कि काम कराने वाले चाहें तो अभियंता कुछ भी कर सकते हैं। विश्वेश्वरैया अपने जीवन में कभी खाली नहीं बैठे।

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उन्होंने अभियंताओं से कहा कि हमें पूरे मनोयोग से काम करना चाहिए। भवन निर्माण मंत्री महेश्वरी हजारी ने कहा कि उन अभियंताओं को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने अपनी सेवा काल में अनेक उत्कृष्ट कार्यों का निर्वहन किया है।

इससे पूर्व ‘विकासशील बिहार में अभियंताओं की भूमिका विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में आइआइटी पटना के निदेशक प्रो पुष्पक भट्टाचार्या ने प्रकाश डाला। अतिथियों का स्वागत संघ के अध्यक्ष अजय कुमार सिन्हा ने किया। महासचिव सुरेश शर्मा, कोषाध्यक्ष अंजनी कुमार, सचिव अरुण कुमार आदि उपस्थित थे। अंत में पूर्व महासचिव चाणक्य कुमार सिंह ने धन्यवाद दिया।

नेता नहीं बनता, तो मैं भी इंजीनियर होता
पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि अगर मैं नेता नहीं बनता तो आज मैं भी एक इंजीनियर होता। विद्यार्थी जीवन की बातें याद करते हुए श्री यादव ने कहा कि मैं भी गणित का विद्यार्थी था। गणित के सवालों को हल करने के लिये कैलकुलेटर का इस्तेमाल कभी नहीं किया। घर में भी कई लोग इंजीनियर थे। इसलिए ज्यादा चांस इंजीनियर बनने के ही थे। कॉलेज में नेता था, इसलिए आज यहां हूं। चुटकी लेते हुए श्री यादव ने कहा कि आपके कार्यक्रम में आया हूं तो प्रशंसा तो करनी ही पड़ेगी।

आठ इंजीनियर बने ‘अभियंता रत्न-2017’
बिहार अभियंत्रण सेवा संघ की ओर से उत्कृष्ट अभियंत्रण कार्य के लिए ‘अभियता रत्न –2017’ का सम्मान आठ अभियंताओं को दिया गया। इसमें अशोकर कुमार वर्मा, अजय कुमार सिंह, राजेश्वर मिश्र, प्रकाश चंद्र, प्रभु भांकर महाराज, गिरीश नंदन सिंह, दिनेश कुमार एवं हरेंद्र दुबे शामिल हैं।

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Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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