जेटली की ‘पोटली’ में बिहार-झारखंड की बल्ले-बल्ले, …जानिए

केंद्रीय बजट में भारतीय रेल के कैपिटल एक्सपेंडीचर के लिए 1.31 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दस हजार करोड़ अधिक है। इसमें बिहार यानी पूर्व मध्य रेल (पूमरे) को 3696 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 525 करोड़ रुपये अधिक हैं। हालांकि, झारखंड को 2583 करोड़, उत्तर प्रदेश को 7118 करोड़ और मध्य प्रदेश को 5376 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। हालांकि, बजट में बिहार को नयी ट्रेन नहीं मिली है। पूमरे के जीएम डीके गायेन ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आम व रेल बजट मर्ज कर प्रस्तुत करने से रेलवे को काफी लाभ हुआ है।

ग्रॉस बजटरी स्पोर्ट के रूप में केंद्र सरकार राशि देगी और रेलवे द्वारा सरकार को लाभांश भी नहीं देना पड़ेगा। नयी ट्रेन पर उन्होंने बताया कि सूबे में बुद्ध सर्किट है, जिसमें तीर्थयात्री ट्रेन मिलने की उम्मीद है। जीएम ने बताया कि पूर्व मध्य रेल में 347 किलोमीटर नयी रेलवे लाइन का निर्माण किया जायेगा। इसमें 158.7 किमी नयी लाइन, 33.96 किमी रेलवे लाइन का दोहरीकरण, 154 किमी रेलवे लाइन का आमान परिवर्तन और 251 किमी रेलवे लाइन का विद्युतीकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को वित्तीय वर्ष 2017-18 में चरणबद्ध तरीके से परियाेजना तैयार कर पूरी की जायेगी।

पहले चरण में 25 स्टेशनों को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए किया गया है चयनित, बिहार के तीन स्टेशन हैं शामिल
केंद्रीय बजट में देश के ए-वन व ए श्रेणी के चार सौ रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है। इसमें पहले चरण में 25 स्टेशनों को विकसित किये जाने की योजना तैयार की गयी है। इसके तहत पूर्व मध्य रेल (पूमरे) के तीन स्टेशन विकसित किये जायेंगे। इसमें मुजफ्फरपुर, पटना साहिब व पटना घाट और बक्सर स्टेशन शामिल हैं। विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने की योजना पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनर्शिप (पीपीपी) मोड पर पूरा किया जायेगा, जहां रेलवे यात्रियों को पांच सितारा होटल की सुविधा के साथ-साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य कॉमर्शियल एक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

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मुजफ्फरपुर में 4.40 एकड़, बक्सर 13.97 में एकड़ और पटना सिटी व पटना घाट में 5.90 एकड़ भूखंड चिह्नित हैं। इन भूखंडों को चयनित एजेंसियों को स्टेशन डेवलपमेंट के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। इन स्टेशनों की मुख्य बिल्डिंग के दो फ्लोर पर रेलवे के ऑपरेशन कार्य को संचालित करने को लेकर सुरक्षित रखा जायेगा। साथ ही अन्य फ्लोर पर होटल और वाणिज्यिक उपयोग के लिए भवन निर्माण किया जायेगा।

विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने की योजना को पीपीपी मोड पर पूरी की जायेगी। इस योजना को पूरी करने के लिए पूमरे प्रशासन शीघ्र ही सेवा शर्त तैयार कर निजी एजेंसी को चयनित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

गौरतलब है कि पटना साहिब स्टेशन पर रेल लैंड डेवलपमेंट ऑथोरिटी द्वारा भी होटल सह वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है, जो बजट में प्रस्तावित योजना से अलग है।

2017-18 में नयी लाइन के निर्माण का लक्ष्य
परियोजना रेलखंड दूरी (किमी)
हाजीपुर-सुगौली घोसवर-वैशाली 30
निर्मली-सरायगढ़ निर्मली-सरायगढ़ 20
कोडरमा-रांची तातीसिल्वई-सनकी 31
कोडरमा-तिलैया तिलैया-खिरौंद 25
इस्लामपुर-नटेसर इस्लामपुर-नटेसर 21
टोरी-शिवपुर टोरी-बालुमाथ-बुकरू 27
करनौती-बख्तियारपुर-बाढ़ करनौती-बख्तियारपुर 4.7

दोहरीकरण परियोजना
रेलखंड दूरी (किमी)
करनौती-बख्तियारपुर-बाढ़ 14.20
सोननगर-डेहरी ऑनसोन 5.76
रामदयालुनगर-कुढ़नी 14
विद्युतीकरण परियोजना
बख्तियारपुर-तिलैया-मानपुर 122
मेरालग्राम-रेणुकूट 77
रेणुकूट-चोपन 40
मुजफ्फरपुर-कपरपुरा-कांटी 12

पूमरे के 12 स्टेशनों पर लगेंगे 29 एस्केलेटर
देश के पांच सौ स्टेशनों को दिव्यांग फ्रेंडली बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें लिफ्ट व एस्केलेटर लगाने के साथ-साथ अन्य सुविधा मुहैया करायी जायेगी। जीएम ने बताया कि पूमरे के पटना, धनबाद, व मुजफ्फरपुर स्टेशनों पर एक-एक एस्केलेटर लगाये जा चुके हैं। इसके अलावा नये वित्तीय वर्ष में 12 स्टेशनों पर 29 एस्केलेटर और 14 स्टेशनों पर 34 लिफ्ट लगाये जायेंगे, जो निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जायेगा।

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माल ढुलाई में रेलवे डोर टू डोर सेवा करेगी शुरू
माल ढुलाई में रेलवे को प्राइवेट ट्रांसपोर्टेशन से प्रतिस्पर्धा है। इससे मुकाबला करने को लेकर बजट में प्रावधान किया गया है। नयी रणनीति के तहत व्यापारियों को गुड्स शेड तक समान लाने या गुड्स शेड से समान ले जाने की झंझट नहीं रहेगा। गायेन ने बताया कि लॉजेस्टिक कंपनी के सहयोग से रेलवे डोर टू डोर सेवा शुरू करेगी, जिसमें व्यापारियों के समान उठाव स्थल से लेकर अंतिम स्थल तक पहुंचाया जायेगा। डोर टू डोर सेवा के तहत पूमरे के फतुहा, नारायणपुर, अलंत, कर्पूरीग्राम, सराय, लहेरियासराय, रक्सौल, नौगछिया व खगड़िया के गुड्स शेड को चिह्नित किया गया है, जहां से सेवा की शुरुआत की जायेगी।

सौर ऊर्जा से होगा 4.89 मेगावाट बिजली उत्पादन
देश के सात हजार रेलवे स्टेशनों पर सोलर पावर की व्यवस्था की जायेगी। इस योजना के तहत पूमरे क्षेत्र में 54 लोकेशन तय किये गये हैं। जीएम ने बताया कि रेलवे कार्यालय भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाये जायेंगे, जिससे 4.89 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर प्लांट लगाया जायेगा। इसको लेकर पाटलिपुत्र स्टेशन पर कोचिंग कॉम्प्लेक्स के साथ ठोस कचरा डिस्पोजल प्लांट भी स्थापित किया जायेगा।

इन स्टेशनों पर लगेंगे लिफ्ट व एस्केलेटर
पटना में चार, राजेंद्रनगर में दो, आरा में दो, बक्सर में दो, गया में दो, मुगलसराय में दो, हाजीपुर में दो, मुजफ्फरपुर में दो, बरौनी में दो, दरभंगा में चार, सहरसा में दो और समस्तीपुर में तीन एस्केलेटर लगाये जायेंगे । साथ ही आरा में दो, बक्सर में दो, पटना में चार, राजेंद्रनगर में दो, गया में चार, मुगलसराय में दो, धनबाद में दो, कोडरमा में दो, बरौनी में दो, हाजीपुर में दो, मुजफ्फरपुर में तीन, दरभंगा में तीन, सहरसा में दो और समस्तीपुर में दो लिफ्ट लगाये जायेंगे।

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