बिहार के इन दो जिलों में जल्द शुरू होगा एयरपोर्ट, …जानिए

बिहारवासियों जल्द ही दो नए एयरपोर्ट्स की सुविधा मिल सकती है। सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसकी घोषणा की है। इसके पहले रविवार को दिल्ली में आयोजित मिथिला महासंघ के कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी यह बात कही थी।

अरुण जेटली ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 93वें जन्मदिन पर दिल्ली में आयोजित अटल-मिथिला सम्मान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि मिथिला के विकास के लिए उस क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नीतीश जी ने दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट बनने की घोषणा की है। बहुत जल्द दरभंगा और पूर्णिया में एयरपोर्ट बनने की दिशा में केंद्र सरकार आगे बढ़ेगी।

पहले मुख्यमंत्री और अब केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से घोषणा के बाद दरभंगा और पूर्णिया में एयरपोर्ट बनने की संभावना काफी मजबूत हो गई है। वित्त मंत्री ने मिथिला क्षेत्र और मैथिली भाषा के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान की याद भी दिलाई।

बता दें कि दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम नीतीश ने दरभंगा और पूर्णिया में जल्द एयरपोर्ट शुरू होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कुछ ही दिनों में मिथिलांचल के लोग दिल्ली सहित कुछ अन्य शहरों से हवाई सफर करते हुए अपने घर जा सकेंगे।

नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार दरभंगा और पूर्णिया में एयरपोर्ट के लिए लिए जमीन अधिग्रहण की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जरूरी जमीन अधिगृहित होने के बाद जल्द ही टर्मिनल निर्माण का भी काम शुरू हो जाएगा। इस कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा सांसद प्रभात झा, जेडीयू महासचिव संजय झा और पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती मौजूद थे।

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कार्यक्रम का उद्धाटन करते हुए नीतीश कुमार अपने भाषण के दौरान अधिकांश समय मैथिली में बोलते दिखे। उन्होंने कहा था कि जैसे बिहार के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है, वैसे ही मिथिला के विकास के बिना बिहार का विकास संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने देवी सीता की जन्मस्थली जानकी धाम के विकास में भी हर संभव मदद देने का भरोसा दिया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के पुरातत्व विभाग से बात कर मधुबनी जिला स्थित बलिराजगढ़ में खुदाई के लिए आग्रह करने की भी बात कही।

मैथिली भाषा के प्रति अपना प्रेम जाहिर करते हुए उन्होंने अपने इंजीनियरिंग कॉलेज में बिताए समय को याद किया और बताया कि कैसे अपने दोस्त से उन्होंने मैथिली बोलना सीखा।

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