CM नीतीश ने गांधी मैदान में फहराया झंडा, कहा- खजाने पर आपदा प्रभावितों का पहला हक

देश आज स्वाधीनता दिवस की 70वीं वर्षगांठ माना रहा है। दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने झंडोत्तोलन कर देश को संबोधित किया। वहीं बिहार में भी स्वतंत्रता दिवस की धूम है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुबह 9 बजे पटना के गांधी मैदान में झंडा फहराया। इस मौके पर संबोधन में उन्होंने बाढ़, पर्यावरण, शिक्षा, शराबबंदी से लेकर कई मुद्दों पर अपनी बातें रखीं। सीएम नीतीश के भाषण की 10 खास बातें इस प्रकार रही…

  1. तिरंगा फहराने के बाद सीएम नीतीश ने सबसे पहले बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य के खजाने पर सबसे पहला हक आपदा प्रभावित लोगों का है। सहायता देने के लिए उन्होंने पीएम मोदी को धन्‍यवाद दिया।
  2. सात निश्चय योजना का जिक्र करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा- हर तरह की सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फीसद आरक्षण का प्रावधान किया गया।
  3. सरकार का एक ही मकसद है- न्‍याय के साथ विकास।
  4. शराबबंदी से बिहार की जनता को 10 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई। वे इसे अच्छे कामों में लगा रहे हैं। शराबबंदी से सरकार के राजस्‍व में मात्र एक हजार करोड़ रुपये की कमी आई है।
  5. बाल विवाह, दहेज़ प्रथा के खिलाफ 2 अक्टूबर से चलेगा अभियान।
  6. बिहार के हर तबके हर वर्ग के लिए काम कर रही है सरकार।
  7. नीतीश कुमार ने देह दान कार्यक्रम को सराहा। उन्होंने डिप्टी सीएम सुशील मोदी की भी चर्चा की।
  8. भागलपुर महाघोटाला के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। बापू ने कहा था कि पृथ्वी में लोगों की जरुरत पूरा करने की क्षमता है लेकिन लालच की नहीं।
  9. सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार का पुराना गौरव प्राप्त करेंगे और इसके लिए सभी को आगे आना होगा।
  10. हरित पट्टी के विकास पर सरकार का जोर है। 24 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य पूरा हो रहा है।
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झांकी में दिखी शराबबंदी
स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में निकाली गई झांकी में बिहार के विभिन्न पर्यटन स्थलों के साथ सामाजिक मुद्दों की भी झलक दिखी। एक झांकी शराबबंदी पर बनाई गई थी, जिसमें दिखाया गया था कि शराब पीकर लोग कैसे खुद को बर्बाद कर रहे थे और शराबबंदी के बाद कैसे उनके जीवन में बदलाव आया है।

इसी तरह एक झांकी शौचालय थीम पर थी। इसमें महिला शौचालय जाते और बाहर आकर साबुन से हाथ धोते दिख रही थी। गांधी मैदान में प्रदर्शित की गई झांकियों में गया के पितृपक्ष मेला और शेरशाह के मकबरे को भी दिखाया गया।

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