बिहार के केला बगान से निकले थम के रेशे से मुंबई में बनेंगे कपड़े व धागे

केला उत्पादन के लिए चर्चित बिहार के मधेपुरा जिला के सिंहेश्वर के रामपट्‌टी के बगान से निकले केले अब किसानों के लिए मुसीबत नहीं वरदान बनने वाले हैं। केले के थम से रेशा निकालकर मुंबई व सूरत के कपड़ा फैक्ट्री में कपड़ा व धागा बनेगा।

सिंहेश्वर रामपट्‌टी के ही सतीश कुमार ने प्रधानमंत्री राेजगार सृजन कार्यक्रम के तहत बिहार का दूसरा फाइबर प्लांट शुरू किया है। सतीश को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस प्लांट से प्रतिवर्ष 20 टन रेशा निकाला जाएगा। रेशों का उपयोग कपड़ा व धागा के अलावा कटोरे, बैग और कागज व कार्टन बनाने के लिए भी प्रयोग में लाया जाएगा।

थम के अवशिष्ट से तैयार होगा वर्मी कम्पोस्ट
सतीश कहते हैं कि आगे इस कार्य को और भी विस्तार रूप दिया जा रहा है। हमलोग केले के थम के अवशिष्ट से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने पर विचार कर रहे हैं। जल्द ही वर्मी कम्पोस्ट भी इसी स्थान पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए बड़ी मात्रा में गोबर की जरूरत होगी। इसके लिए हमलोग पीपीडी मोड पर गोपालन शुरू करने जा रहे हैं।

पढ़े :   बिहार के दो हुनरमंद खिलाड़ियों का हुआ दिलीप ट्रॉफी के लिए चयन, ...जानिए

Leave a Reply

error: Content is protected !!