बिहार कैबिनेट का फैसला: सीएम नीतीश ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को किया खारिज, …जानिए

बिहार कैबिनेट ने प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना को ख़ारिज कर दिया है और इसके बदले एक नई योजना को मंज़ूरी दी गई है। बिहार कैबिनेट ने राज्य के किसानों को फसल क्षति पर आर्थिक सहायता देने के लिए ‘बिहार राज्य फसल सहायता योजना’ को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर निकल अपनी योजना लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन गया है।

बिहार राज्य फसल सहायता योजना का लाभ रैयत और गैर रैयत किसानों को समान रूप से होगा। लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा की तरह किसानों को प्रीमियम नहीं देना होगा। योजना की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर विकास आयुक्त और जिलास्तर पर डीएम की अध्यक्षता में कमेटी होगी। कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव अरुण सिंह ने बताया कि किसानों को पहले की तरह इनपुट और डीजल सब्सिडी मिलती रहेगी।

किसान को 20 हजार तक मिलेगा मुआवजा
क्रॉप कटिंग रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक उपज दर में 20 % तक की कमी होने पर 7500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 15 हजार अौर 20 % से अधिक क्षति पर 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। सरकार का सालाना 300 करोड़ रु. खर्च होने का अनुमान।

नहीं देना होगा प्रीमियम, 1 करोड़ किसानों को लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए किसान को प्रत्येक खरीफ और रबी मौसम में ऑनलाइन पोर्टल पर निबंधन कराना होगा। रबी में अगस्त-सितंबर, खरीफ में मार्च-अप्रैल तक किसान के खाते में आरटीजीएस या एनईएफटी से सहायता राशि दी जाएगी। अभी 16-20 लाख किसान (केसीसी का लाभ लेने वालों को छोड़कर) हर साल फसल बीमा कराते हैं।

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क्यों पड़ी नई योजना की जरूरत
बीमा कंपनियों के रवैये के कारण बिहार को अपनी योजना लानी पड़ी। प्रधानमंत्री फसल बीमा में प्रीमियम के राज्यांश के रूप में बिहार को हर साल 495 करोड़ रु. देने पड़ते थे। रबी फसल के बीमा के लिए किसान को 1.5 % जबकि खरीफ के लिए 2 % प्रीमियम देना पड़ता था। केंद्र भी राज्य के ही बराबर रकम देता था। इसके बावजूद खरीफ मौसम 2016 में बिहार के किसानों को मात्र 221 करोड़ रु. की क्षतिपूर्ति मिली। मतलब बीमा कंपनियां 75 % रकम अपने पास रख लेती हैं। अपनी योजना से बिहार को हरेक वर्ष 195 करोड़ रु. की बचत होगी।

नियोजित माध्यमिक शिक्षकों के वेतन भुगतान को 11 अरब, 7 करोड़ स्वीकृत
राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को अपनी बैठक में अलग-अलग श्रेणी के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के वेतन भुगतान को ले राशि की मंजूरी दी। राज्य में माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत जिला परिषद एवं विभिन्न नगर निकायों के अंतर्गत कार्यरत नियोजित माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं पुस्तालयाध्यक्षों के वेतन भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के तहत ग्यारह अरब, सात करोड़, पचास लाख रुपए के सहायक अनुदान को स्वीकृति दी गई है।

पूर्व के सर्वशिक्षा अभियान और वर्तमान के समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए 2018-19 के तहत पचास अरब रुपए अनुदान मद में स्वीकृति तथा प्रथम तिमाही के वेतन भुगतान के लिए अठारह अरब, इकसठ करोड़, पैैंतीस लाख, तीन हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैैं। वहीं 64 एएनएम प्रशिक्षण संस्थानों के लिए 832 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। तैैंतीस नए जीएनएम संस्थानों के लिए 429 पदों को स्वीकृति दी गई है।

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332 व 119 अराजकीय प्रस्वीकृत संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए 1.15 अरब रुपए की स्वीकृति दी गई है। अराजकीय प्रस्वीकृत 2460 कोटि के मदरसों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के 2018-19 में देय नियत वेतन के लिए साठ करोड़ रुपए के अनुदान को स्वीकृति दी गई है। अराजकीय प्रस्वीकृत 1119 मदरसा एवं 9 बालिका मदरसों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के भुगतान के लिए 2.15 अरब रुपए विमुक्त किए गए हैैं।

मुठभेड़ में मारे जाने वाले बिहार मूल के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के परिजनों को 11 लाख
केंद्रीय अर्धसैनिक बल के बिहारी मूल के वे जवान अगर बिहार या फिर बिहार के बाहर किसी अन्य जगह पर मुठभेड़ या नक्सली हमले में मारा जाता है तो उनके परिजनों को राज्य सरकार ग्यारह लाख रुपए का अनुग्रह अनुदान देगी। अभी यह राशि पांच लाख रुपए थी। अंतिम संस्कार पुलिस सम्मान के साथ कराया जाएगा। इसके अलावा गृह विभाग के उस प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी दी गई जिसके तहत होमगार्ड के जवान अपनी बर्खास्तगी पर अपील कर सकेंगे।

कैबिनेट के अन्य फैसले
-गोपाल नारायण सिंह प्राइवेट यूनिवर्सिटी को मंजूरी
-बिहार रोड रिसर्च सेंटर की स्‍थापना को मंजूरी
-मदरसा शिक्षकों के लिए दो अरब 15 करोड़ की मंजूरी
-प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी संवर्ग नियमावली 2018 को स्वीकृति
-शेरघाटी के तत्कालीन दंडाधिकारी व वर्तमान में मधेपुरा के निलंबित मुंसिफ राजेश प्रसाद बर्खास्त
-ग्राम कचहरी के रिक्त पदों पर 8 जुलाई को मतदान संपन्न कराने की अधिसूचना 13 जून को कराए जाने को स्वीकृति
-पटना के राजेंद्र नगर स्थित मोईनुलहक स्टेडियम के प्रबंधक का वेतन स्तर 6 से स्तर 9 में संशोधित किए जाने को मंजूरी
-बिहार लोक सेवा आयोग विनियमावली 1960 के विनियम -4 में संशोधन को स्वीकृति
-बेल्ट्रान के माध्यम से चयनित एजेंसी 3 आई इंफोटेक को राज्य योजना स्कीम के तहत 16 करोड़ अग्रिम को स्वीकृति
-पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर को भारत नेट के साथ सेवाएं प्रदान करने के 43.68 करोड़
-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत उपकेंद्र स्तर तक अनुबंध पर नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों की सेवा अवधि में मौत पर उसके आश्रित को चार लाख का अनुग्रह अनुदान
-विधान परिषद सचिवालय भर्ती एवं सेवा शर्तें नियमावली 2018 को मंजूरी
-बिहार विधानसभा सचिवालय भर्ती एवं सेवा शर्तें नियमावली 2018 को मंजूरी
-रोहतास में निजी क्षेत्र में गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के स्थापना व संचालन को स्वीकृति
-सिताब दियारा में लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मृति भवन व संग्रहालय के लिए तीन पद स्वीकृत
-सीसीटीएनएस योजना के लिए 270 करोड़, 86 लाख
-मुंगेर में श्रम न्यायालय की स्थापना के लिए पांच पद स्वीकृत

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