सामान्य और पिछड़ों को 4, एससी-एसटी और छात्राओं को 1% पर एजुकेशन लोन

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत सामान्य और पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 4 प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा लोन मिलेगा। एससी-एसटी के छात्रों के साथ ही सभी वर्ग की छात्राओं को मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर शिक्षा लोन मिल जाएगा। वित्त निगम के माध्यम से अप्रैल से इस ब्याज दर पर छात्र-छात्राएं लोन ले सकेंगे। इस दर पर लोन देने पर सहमति बन चुकी है। जल्द ही अधिसूचना भी जारी हो जाएगी।

उच्च शिक्षा की खातिर एजुकेशन लोन देने के लिए वित्त निगम बनाने की कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। शुरू में वित्त निगम में 500 से 1000 करोड़ की राशि लोन वितरण के लिए रहेगी। आवश्यकतानुसार राशि बढ़ाई जाएगी। छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम 4 लाख रुपए तक लोन मिलेगा।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा ऋण लेने के लिए छात्रों को ऑनलाइन आवेदन देना पड़ेगा। छात्रों की सहायता के लिए सभी जिलों में जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र बनाए गए हैं।
आवेदन देने पर छात्र के ई-मेल या मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड मिलेगा। पोर्टल पर पासवर्ड डालने के बाद वेज पेज खुलेगा, जिस पर पूरी जानकारी देनी होगी।
परामर्श केंद्र पर छात्रों को 12वीं का प्रमाणपत्र के साथ जिस कोर्स में नामांकन लिया है, उसकी फीस, आधार नंबर, माता व पिता के बैंक अकाउंट की छह माह की जानकारी देनी होती है।

36 कोर्स के लिए मिलेगा लोन
ग्रेजुएशन, बीसीए, बीएससी एग्रीकल्चर, बीएड, डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन, फिजियोथैरेपी, फैशन डिजाइनिंग, एएनएम, जीएनएम, होटल मैनेजमेंट, आयुर्वेद व होमियोपैथ में बैचलर या डिप्लोमा डिग्री, एमएससी, पीएचडी, कचरा प्रबंधन, बीए, बीएससी, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग, मेडिकल, आलिम, शास्त्री, डिप्लोमा इन फूड सहित 36 कोर्स के लिए लोन का प्रावधान है।

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नौकरी मिलने के बाद सूद सहित होगी वसूली
छात्र-छात्राओं को 4 लाख तक लोन देने के लिए वित्त निगम वित्त विभाग के अंतर्गत कार्य करेगा। शिक्षा विभाग से अनुशंसित आवेदकों पर ही निगम से शिक्षा लोन मिलेगा। पुरानी व्यवस्था में कुछ संशोधन भी किया जा रहा है, ताकि लोन मिलने में देर न हो। छात्रों की फीस और संबंधित शहर में रहने पर होने वाला खर्च जोड़ कर लोन स्वीकृत होगा।

पढ़ाई पूरी होने व नौकरी पा लेने के बाद ब्याज सहित राशि वसूली होगी। अब आवेदन बैंक में नहीं भेज कर सीधे वित्त निगम में जाएगा। देश में ऐसी व्यवस्था वाला बिहार पहला राज्य होगा। शिक्षा लोन देने में बैंकों की आनाकानी के बाद वित्त निगम बनाया गया है। इस योजना से लोन लेने के लिए जाति और आय का बंधन नहीं है। बैंकों से शिक्षा लोन 9 से 11 % ब्याज पर मिल रहा है।

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