देखें 20 लाख करोड़ के पैकेज में से आज किस को कितना मिला

कोरोना महामारी के संकट से उबरने के लिए प्रधानमंत्री के बताए 20 लाख करोड़ के पैकेज के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आज शनिवार को उन्होंने 8 सेक्टर- कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, एयर स्पेस मैनेजमेंट, एयरपोर्ट्स, मेंटेनेंस एंड ओवरहॉल, केंद्र शासित प्रदेशों में पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियां, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा पर बात की। आइये जाने किसे क्या मिला…

कोल सेक्टर
◙ यहां रेवेन्यू शेयर के आधार पर कमर्शियल माइनिंग की जरूरत है। भारत दुनिया के तीन सबसे बड़े कोल भंडारण क्षमता वाले देशों में शामिल है। कोयला खदान की नीलामी के नियम आसान बनाएंगे। 50 नए कोयला ब्लॉक्स उपलब्ध करवाए जाएंगे।
◙ कोल माइनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

खनिज
◙ पारदर्शी ऑक्शन के जरिए 500 माइनिंग ब्लॉक उपलब्ध करवाए जाएंगे।
◙ एल्युमिनियम इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोल ब्लॉक्स का जॉइंट ऑक्शन किया जाएगा।
◙ मिनरल इंडेक्स बनाया जाएगा। स्टांप ड्यूटी में राहत दी जाएगी।

रक्षा
◙ सुरक्षा बलों को आधुनिक हथियारों की जरूरत है। डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स से सलाह कर धीरे-धीरे कुछ हथियारों के इंपोर्ट पर रोक लगाएंगे। क्वालिटी का ध्यान रखते हुए घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाएंगे।
◙ डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में ऑटोमेटिक रूट से एफडीआई लिमिट 49% से बढ़ाकर 74% की जाएगी।
◙ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड का कॉर्पोरेटाइजेशन किया जाएगा। कॉर्पोरेटाइजेशन का मतलब प्राइवेटाइजेशन नहीं समझा जाए।

एयरस्पेस मैनेंजमेट और एयरपोर्ट्स
◙ एयरस्पेस का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा। इससे एयरलाइंस को ईंधन और समय की बचत होगी। पीपीपी के आधार पर 6 नए एयरपोर्ट की नीलामी की जाएगी।
◙ देश के एयरपोर्ट पर सुविधाएं बढ़ेंगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 2300 करोड़ रुपए का डाउन पेमेंट किया जाएगा।
◙ एयरस्पेस बढ़ाने से एयरलाइंस को 1000 करोड़ रुपए का सालाना फायदा होगा।
◙ एयरपोर्ट प्राइवेटाइजेशन के शुरुआती दो चरणों में 12 हवाई अड्डों में 13 हजार करोड़ रुपए का निवेश आएगा।
◙ देश में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सेंटर बनाए जाएंगे। इससे एयरलाइंस का खर्च घटेगा, क्योंकि उन्हें ये काम विदेश में करवाना पड़ता है।

पढ़े :   बिहार के इस अस्पताल में अब बिना ऑपरेशन बच्चों के दिल का छेद होगा बंद, ...जानिए

पावर डिस्ट्रीब्यूशन
◙ बिजली के क्षेत्र में बदलाव होंगे। उपभोक्ताओं को उनके अधिकार मिलेंगे। डिस्कॉम को पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवानी होगी। बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों को सुविधाओं के आधार पर चुना जाएगा।
◙ बिजली कंपनियों को समय पर पैसा मिले, इसका ध्यान रखा जाएगा। स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। केंद्र शासित राज्यों में डिस्कॉम के निजीकरण के कदम उठाए जा रहे हैं, इससे सर्विस में सुधार होगा।

सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर
◙ सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए 8100 करोड़ दिए जाएंगे। 30% वायवैलिटी गैप फंडिंग के आधार पर यह रकम दी जाएगी।

अंतरिक्ष
◙ अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश ने बहुत अच्छा काम पिछले सालों में किया है। इसमें प्राइवेट सेक्टर को भी शामिल किया जाएगा।
◙ भविष्य की योजनाओं में प्राइवेट सेक्टर को मौका दिया जाएगा, ताकि उन्हें बराबरी का अधिकार मिले।
◙ निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि वे अपनी क्षमताएं बढ़ा सकें।

परमाणु ऊर्जा
◙ मेडिकल आइसोटोप के प्रोडक्शन के लिए पीपीपी मोड पर रिसर्च रिएक्टर तैयार किए जाएंगे। कैंसर और दूसरी बीमारियों का सस्ता इलाज उपलब्ध करवाकर मानवता की भलाई को बढ़ावा देंगे।
◙ विकिरण तकनीक का इस्तेमाल कर फूड प्रिजर्वेशन के लिए पीपीपी मोड पर सुविधाएं विकसित करेंगे।
◙ देश के स्टार्ट-अप ईकोसिस्टम को न्यूक्लियर सेक्टर से जोड़ेंगे। टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कम इन्क्यूबेशन सेंटर तैयार किए जाएंगे।

Leave a Reply