चारा घोटाला: दुमका कोषागार मामले में लालू प्रसाद दोषी करार

चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया है। जबकि बिहार के पूर्व मु्ख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को बरी कर दिया गया है। 31 आरोपियों में से 19 दोषी और 12 निर्दोष साबित हुए हैं। दोषियों की सजा पर 21 मार्च से 23 मार्च तक सुनवाई होगी।

दुमका कोषागार से जुड़ा है मामला
विदित हो कि तत्‍कालीन बिहार (अब झारखंड) के दुमका कोषागार से करीब 3.76 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में दर्ज मुकदमा नंबर आरसी 38ए/96 में लालू प्रसाद, डॉ. जगन्‍नाथ मिश्र, पूर्व सांसद डॉ. आरके राणा व जगदीश शर्मा सहित कुल 31 आरोपी बनाए गए थे। इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित अन्य पर धोखाधड़ी और अन्‍य धाराओं में मुकदमा दर्ज किए गए। इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने पांच मार्च को सुनवाई पूरी की थी।

लालू यादव पर ये हैं आरोप
इस मामले में लालू यादव पर 96 फर्जी वाउचर के जरिए दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच दुमका कोषागार से 3.76 करोड़ की अवैध निकासी का आरोप है। ये पैसे जानवरों के खाने के सामान, दवाओं और कृषि उपकरण के वितरण के नाम पर निकाले गए थे। उस दौरान पैसे के आवंटन की सीमा अधिकतम एक लाख 50 हजार ही थी। जब यह निकासी हुई थी लालू उस समय मुख्यमंत्री थे। काननू विशेषज्ञों की राय में लालू पर जिन धाराओं में आरोप लगे हैं, अगर दोष सिद्ध हो गया तो उन्‍हें 10 साल की सजा हो सकती है।

तीन मामलों में हो चुकी सजा
लालू यादव चारा घोटाला में दर्ज मामलों में अबतक तीन में दोषी ठहराए जा चुके हैं। लालू को चाईबासा कोषागार के दो मामलों मामले में पांच-पांच साल तथा देवघर कोषागार मामले में साढ़े तीन साल की सजा मिल चुकी है। दुमका कोषागार में घोटाला मामले में सजा का एलान आज होना था। डोरंडा कोषागार से जुड़ा चारा घोटाले का पांचवा मामला सबसे बड़ा है, जिसमें करीब 139.35 करोड़ की अवैध निकासी का आरोप है।

पढ़े :   बिहार का लाल अनुकूल बना भारतीय अंडर-19 टीम का सदस्य

फिलहाल रांची जेल में सजा काट रहे लालू
फिलहाल वे रांची के होटवार सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार चारा घोटाला में लगातार तेज सुनवाई हो रही है। इसी का नजीजा है कि चारा घोटाला के मामलों में एक के बाद एक लगाातर फैसले आ रहे हैं।

Leave a Reply

error: Content is protected !!