नम आंखों के साथ पंचतत्व में विलीन हुईं श्रीदेवी

देश की पहली फीमेल सुपरस्टार श्रीदेवी का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया है। आज बुधवार की शाम मुंबई के विले पार्ले सेवा समाज शवदाह गृह में उनका दाह-संस्कार हुआ। उनके पति बोनी कपूर ने उन्हें मुखाग्नि दी। उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ आखिरी विदाई दी गई। दुबई में एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने गईं 54 वर्षीय श्रीदेवी का देहांत 24 फरवरी को हुआ था। पद्मश्री से सम्मानित श्रीदेवी का असली नाम श्री अम्मा यांगर अय्यपन था। उन्हें चांदनी, लम्हे, मिस्टर इंडिया, चालबाज, नगीना, सदमा जैसी हिट हिंदी फिल्मों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

4 साल की उम्र से शुरू हुआ श्रीदेवी का फिल्मी सफर 50 साल लंबा चला। इस दौरान उन्होंने कई भाषाओं की 300 फिल्मों में काम किया। उम्र के साथ-साथ श्रीदेवी के रूप और अभिनय में निखार आता चला गया। श्रीदेवी ने उस दौर में फिल्मी जगत में अपनी पहचान बनाई जब बॉलीवुड पर पुरुष सुपर स्टारों का कब्जा हुआ करता था। अमिताभ, रजनीकांत, कमल हसन, जितेंद्र और अनिल कपूर जैसे कलाकारों के साथ काम करके उनके सिर पर भारत की पहली फीमेल सुपरस्टार का ताज सजाया।

अपने करियर के चरम पर पहुंचने के बाद श्रीदेवी ने वो वक्त भी देखा जब उनका जादू फीका पड़ने लगा था। 90 के दशक में उनके करियर पर ब्रेक लग गया। उनकी फिल्में नहीं चल रहीं थी। यही वो वक्त था जब श्रीदेवी और बोनी कपूर की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने शादी कर ली। 15 साल के ब्रेक के बाद जब वह पर्दे पर वापिस आईं तो ठीक वैसे ही आईं जैसे किसी फिल्म में सुपरस्टार की एंट्री हुआ करती है। बॉक्स ऑफिस ने श्रीदेवी का स्वागत भव्य अंदाज में किया। आखिरी बार उन्हें पर्दे पर मॉम फिल्म में देखा गया था।

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रुपहले पर्दे की ‘चांदनी’ के दुनिया छोड़ने की खबर ने उनके फैन्स, परिवार और पूरे बॉलीवुड को ‘सदमा’ दे दिया। हर दिल अजीज श्रीदेवी के निधन को लाखों-करोड़ों लोगों ने नम आंखों के साथ श्रद्धांजलि दी। वह आज भले ही पंचतत्व में विलीन हो गईं हो लेकिन लाखों लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी।

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