खुशखबरी! बिहार के डॉक्टर अभिजीत ने खोजा स्ट्रेच मार्क्स का इलाज, …जानिए

लाइलाज बन चुके स्ट्रेच मार्क्स का अब इलाज संभव हो गया है। बिहार के सहरसा के कहरा गांव निवासी डॉ. अभिजीत झा ने इसका इलाज खोज लिया है। इसके अलावा उन्होंने सफेद दाग के घटने और बढ़ने की जानकारी देने के लिए मशीन का भी निर्माण किया है।

डॉ. अभिजीत ने बताया कि दोनों रिसर्च जनरल ऑफ अमेरिकन एकेडमी ऑफ डरमेटेलॉजी में प्रकाशित हो चुका है। इन दोनों रिसर्च पर स्पीच देने के इटली के मिलान में आयोजित वर्ल्ड कांग्रेस आफ डेरमोस्कोपी बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि खासकर हाथों व पेट पर बने स्ट्रेच मार्क्स का इलाज अब संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि स्ट्रेच मार्क्स के इलाज से देश के लाखों लोगों को फायदा होगा।

इसके अलावा अब तक सफेद दाग बढ़ रहा है या घट रहा है डॉक्टर इसकी जानकारी मरीजों से ही लेते थे और उसी आधार पर इलाज किया जाता था। अब मशीन के माध्यम से डॉक्टर बीमारी के विस्तार या कमी के बारे में जान पाएंगे। अगर सफेद दाग स्थिर है तो इसका सर्जरी भी किया जा सकता है।

पिछले दिनों डॉ. अभिजीत आस्ट्रिया के इंटरनेशनल डेरमोस्कोपी सोसायटी के बोर्ड आफ डायरेक्टर बन चुके हैं। 168 देश के 14 हजार सदस्य डाक्टरों के बीच 30 बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल होने वाले वे पहले भारतीय हैं। अभी वे पीएमसीएच पटना में चर्म रोग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनके पिता वीरेन्द्र कुमार झा अनीष सहरसा कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। उनकी पत्नी डॉ. जूही पटना में दंत चिकित्सक है।

डॉ. अभिजीत ने चिकित्सा के क्षेत्र में वर्ष 2003 में कदम रखा था। पीजीआई चंडीगढ में 2010 में डेरमोस्कोपी सर्जरी में फेलोशिप करने के बाद एम्स में वर्ष 2014 से 2016 तक चर्म रोग विशेषज्ञ पद पर रहे। चार साल पर आयोजित होने वाले वर्ल्ड डरमटोलॉजी कांग्रेस में भाग लेने पर चिकित्सकों ने प्रसन्नता जताई है।

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