7वां वेतन आयोग समेत इन एजेंडों पर कैबिनेट के फैसले में बनी सहमति, …जानिए

बिहार कैबिनेट की बैठक में कुछ एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सचिवालय में एक बैठक हुई जिसमें लिये गये प्रमुख फैसले इस प्रकार से हैं।

राज्य वेतन आयोग को एक माह का विस्तार
केंद्र के तर्ज पर राज्यकर्मियों को सातवां वेतन की अनुशंसा के आधार पर ही सभी तरह के भत्ताें का निर्धारण करने से संबंधित रिपोर्ट देने के लिए राज्य वेतन आयोग की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ा दी गयी है। इस दौरान आयोग भत्ताें से संबंधित रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट पर ही राज्य सरकार निर्णय लेगी।

राज्य सरकार अपने साढ़े चार लाख से अधिक कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के बाद अब इस वृद्धि के आधार पर सभी भत्तों को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सातवें वेतनमान के अंतर्गत सरकारी कर्मियों को उनके मूल वेतन में 2.57% बढ़ोतरी की गयी थी। लेकिन, उन्हें मिलने वाले किसी तरह के भत्ते में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी थी।

तैयार मसौदे के अनुसार, एचआरए (हाउस रेंट एलाउंस) में सबसे ज्यादा दोगुनी बढ़ोतरी होने जा रही है। इसके अलावा भी अन्य भत्तों में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी करने की तैयारी है।

गौरतलब है कि महंगाई भत्ते (डीए) में पहले से ही बढ़ोतरी की हुई है और यह समय समय पर महंगाई दर के हिसाब से बढ़ता रहता है, इसलिए सिर्फ अन्य भत्तों में ही बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। सरकार इस बार राज्यकर्मियों को जो सबसे अहम तोहफा देने जा रही है, वह यह है कि सभी स्तर के भत्तों को डीए (महंगाई भत्ता) से सीधा जोड़ना। इसकी तैयारी चल रही है।

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इससे जब-जब डीए बढ़ेगा, तब-तब इसके समानुपात में सभी भत्तों में भी बढ़ोतरी हो जायेगी। इसके लिए सरकार को बार-बार अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा नहीं करनी पड़ेगी। अभी सभी भत्तों के लिए अलग-अलग दर के अनुसार बढ़ोतरी करनी पड़ती है।

इन भत्तों में संभावित बढ़ोतरी
एचआरए
वर्तमान में यह 16% है, जिसे बढ़ा कर 32% करने का प्रस्ताव है। अभी सभी शहरों को तीन श्रेणियों में बांट कर एचआरए दिया जाता है। इसके अनुसार पटना बी1 श्रेणी में आता है, जिसके लिए अभी 16% एचआरए तय है। इसी तरह सी1 शहरों के लिए आठ फीसदी और ए1 शहरों के लिए 24% एचआरए तय है।

चिकित्सा परिवहन
इसे 1600 रुपये करने का प्रस्ताव है। मौजूदा समय में परिवहन भत्ता देने के लिए वेतन के आधार पर तीन श्रेणियां बनी हुई हैं। इनके आधार पर 400, 700 और 1000 रुपये परिवहन भत्ता दिया जाता है। फिलहाल 1000 वाले भत्ते को बढ़ा कर 1600 करने का प्रस्ताव है। अन्य दोनों श्रेणियों में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी की तैयारी है।

नियोजित कर्मियों के लिए अलग से होगा निर्धारण
नियोजित शिक्षक और अन्य कर्मियों के लिए सातवें वेतनमान के भत्ते का इसी तर्ज पर निर्धारण किया जायेगा। इस संबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा।

21 से 25 तक चलेगा विधानमंडल का सत्र
बिहार विधानमंडल का सत्र 21 अगस्त से 25 अगस्त तक कराने का फैसला हुआ। इसके दौरान वित्तीय वर्ष 2017-18 का पहला अनुपूरक बजट, राज्य के सभी नगर निकायों के क्रियाकलापों की मौजूदा स्थिति पर सीएजी की रिपोर्ट समेत अन्य महत्वपूर्ण विधेयक पेश किये जायेंगे।

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हालांकि, इस तारीख पर अभी राज्यपाल की मंजूरी मिलना बाकी है। पहले मॉनसून सत्र 28 जुलाई से शुरू होनेवाला था, लेकिन महागठबंधन सरकार से सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे और नयी सरकार के गठन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

सीएम के विधि सलाहकार के लिए पद का सृजन
मुख्यमंत्री के विधि सलाहकार के लिए एक पद का सृजन किया गया है। विधि विभाग में गठित इस पद के लिए तमाम सुविधाएं और वेतन समेत अन्य महत्वपूर्ण बातों का निर्णय सीएम के स्तर पर जल्द ही किया जायेगा।

फिलहाल यह भी तय नहीं हुआ है कि इस पद पर किन्हें पदस्थापित किया जायेगा। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पर पूर्व महाधिवक्ता रामबालक महतो की तैनाती करने पर विचार किया जा रहा है। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के लिए हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी को कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।

1989-90 के पैनल से नियुक्ति होंगे 675 शिक्षक
बिहार राजकीयकृत माध्यमिक विद्यालय शिक्षक विशेष नियुक्ति (संशोधित) नियमावली, 2017 को मंजूरी दी गयी है। इसके तहत 1989-90 में तैयार शिक्षकों के पैनल के अनुसार 675 शिक्षकों को नियुक्ति करने की स्वीकृति दी गयी है। राज्य के अलग-अलग स्कूलों में तैनात होने वाले इन शिक्षकों के लिए विशेष तौर पर पदों को सृजित करने की स्वीकृति दी गयी।

साथ ही इस पैनल से नियुक्त होने वाले शिक्षकों के वेतन और अन्य भत्तों पर वार्षिक व्यय के रूप में 27.40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी है। विद्यालय सेवा बोर्ड से जीव विज्ञान और गणित के इन शिक्षकों की तैनाती तक ही इन पदों का सृजन किया गया है। जैसे-जैसे ये शिक्षक रिटायर्ड होते जायेंगे, ये पद स्वत: समाप्त होते जायेंगे।

अन्य फैसले
– पटना उच्च न्यायालय के विस्तारकरण के लिए 169 करोड़ पचास लाख पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति प्रदान की गई।
– बिहार कृषि विवि सबौर के लिए 45 करो 82 हजार की राशि स्वीकृत।

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Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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