पानी और कोल्ड ड्रिंक्स की बेकार बोतलों से टी-शर्ट बनाएगा रेलवे

अब रेलवे स्टेशनों पर बेकार फेंके जाने वाली पानी और कोल्ड ड्रिंक्स की प्लास्टिक बोतलों से पूर्व मध्य रेल टी-शर्ट बनाएगी। रेलवे स्टेशनों पर लगी बोतल क्रशर मशीन के प्लास्टिक का इस्तेमाल टी-शर्ट बनाने के लिए होगा। ये टी-शर्ट सभी मौसम में पहनने लायक होंगी। टी-शर्ट बनाने के लिए रेलवे का मुंबई की एक कंपनी से करार हुआ है। कंपनी का टी-शर्ट बनाने का पहला प्रयोग सफल हो चुका है।

ईसीआर के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि प्लास्टिक बना फैंटास्टिक स्कीम के तहत ये टी-शर्ट बनायी जा रही हैं। तीन दिन पहले रांची में आयोजित रेलवे की प्रदर्शनी में ईसीआर द्वारा इस टी-शर्ट का प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने बताया कि इससे स्टेशनों और पटरियों पर फेंके जाने वाले प्लास्टिक कचरे व प्रदूषण से रेलवे को मुक्ति मिलेगी तो दूसरी ओर टी-शर्ट तैयार होगी।

यात्री बाउचर का इस्तेमाल खरीदारी के समय कर सकेंगे
पानी और कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों को बेकार समझकर फेंकने वाले रेल यात्रियों के लिए भी खुशखबरी है। इस बोतल के जहां-तहां फेंकने से रेलवे स्टेशनों, रेलवे पटरियों पर प्रदूषण फैलता है। लेकिन अब उन्हें प्रत्येक खाली बोतल के लिए पांच रुपये मिलेंगे। यह पांच रुपये उन्हें वाउचर के रूप में रेलवे की एजेंसी बायो-क्रश की ओर से मिलेंगे। इस पैसे का इस्तेमाल कई चुनिंदा दुकानों और मॉल में सामान खरीदने के लिए किया जा सकेगा।

इसके लिए यात्रियों को अपनी खाली बोतलों को पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर, पटना साहिब व दानापुर स्टेशन पर लगी बोतल क्रशर मशीन में डालना होगा। क्रशर मशीन में बोतल डालने के समय मोबाइल नंबर डालना पड़ता है। उसके बाद बोतल डालने और तत्पश्चात क्रश होने पर थैंक्यू मैसेज के साथ वाउचर के लिए पैसा भी आ जाएगा।

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