ISRO का GSAT-6A सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च, जानें क्या है इसकी खासियत

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर (एसडीएससी) से संचार उपग्रह जीसैट-6ए को सफलतापूर्वक लॉन्‍च कर दिया है। इसरो के GSLV-F08 मिशन के ज़रिए इस सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया।

जीसैट-6ए का वजन 2,140 किलोग्राम
जीसैट-6ए का वजन 2,140 किलोग्राम है। इसमें प्रयोग हुआ रॉकेट 49.1 मीटर लंबा है और इसका वजन 415.6 टन है। लॉन्‍च होने के 17 मिनट बाद जीसैट-6ए कक्षा में पहुंच जाएगा। इस पूरे मिशन की कीमत 270 करोड़ रुपए है और यह मिशन 10 वर्षों के लिए है।

मोबाइल कम्‍युनिकेशन और आसान हो सकेगा
बता दें कि जीसैट-6ए की लॉन्चिंग से सेनाओं को दी जाने वाली कम्‍युनिकेशन सर्विसेज की गुणवत्‍ता में और सुधार होगा। कई खूबियों के बीच ही इस सैटेलाइट में प्रयुक्‍त हुआ छह मीटर लंबा छाते के आकार का एंटेना भी इसकी एक खूबी है। इसरो के मुताबिक यह एंटेना बाकी किसी भी एंटेना से तीन गुना ज्‍यादा बड़ा है और इसकी वजह से ही किसी भी जगह से मोबाइल कम्‍युनिकेशन और आसान हो सकेगा।

जीसैट-6ए बाकी कम्‍युनिकेशन सैटेलाइट की तुलना में काफी अलग
इसरो से जुड़े वरिष्‍ठ वै‍ज्ञ‍ानिकों ने बताया कि जीसैट-6ए बाकी कम्‍युनिकेशन सैटेलाइट की तुलना में काफी अलग है। यह सैटेलाइट रक्षा के मकसद से काम करेगा और साधारण मकसद के लिए इसकी ट्रांसपोंडर क्षमता नहीं बढ़ाई जाएगी। आपको बता दें कि जीसैट-6 साल 27 अगस्‍त 2015 से ही कम्‍यूनिकेशन सर्विसेज दे रहा है।

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