चारा घोटाला के चौथे मामले में लालू प्रसाद यादव को दो धाराओं में 14 साल की सजा, 60 लाख जुर्माना

चारा घोटाला के दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को 14 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उन्हें 60 लाख का जुर्माना भी देना होगा। कोर्ट ने लालू को दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में आईपीसी और पीसी एक्ट की धाराओं के तहत 7-7 साल की सजा और 30-30 लाख का जुर्माना लगाया है। ये दोनों सजा एक-एक कर के काटनी होगी यानि 7 साल की सजा काटने के बाद फिर से 7 साल की सजा काटनी होगी।

आर्थिक जुर्माना न देने की स्थिति में ये सजा 2 साल और बढ़ जायेगी। चारा घोटाला का यह ऐसा चौथा मामला है जिसमें लालू यादव को सज़ा दी गई है। इस फैसले के बाद लालू यादव को अब तक 20 साल 6 महीने की सज़ा सुना दी गई है। इससे पहले, अदालत ने 19 मार्च को 31 आरोपियों में से लालू प्रसाद समेत 19 को दोषी ठहराया था जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा समेत 12 को निर्दोष करार दिया था। सजा पर 21 मार्च से सुनवाई शुरू हुई थी, जो 23 मार्च तक चली।

क्या है दुमका कोषागार मामला
दुमका में पशुपालन पदाधिकारियों, प्रशासनिक अफसरों और राजनेता की मिलीभगत से आपूर्तिकर्ताओं ने 96 फर्जी वाउचर के जरिए दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच कोषागार से 3 करोड़ 76 लाख की अवैध निकासी की थी। यह निकासी जिले के गांवों और कस्बों में पशुओं की खाद्य सामग्री, दवा व कृषि उपकरणों के वितरण के नाम पर की गई थी जबकि उस दौरान धन आवंटन की अधिकतम सीमा मात्र एक लाख 50 हजार थी। जब यह निकासी हुई थी लालू उस समय मुख्यमंत्री थे।

पढ़े :   पीएम की सुरक्षा संभाल चुके बिहार के इस आईपीएस को एनएसजी में मिली अहम जिम्मेदारी

देवघर और चाईबासा मामले में काट रहे सजा
चारा घोटाला के दे‌वघर और चाईबासा मामले में लालू प्रसाद को सजा सुनाई जा चुकी है। देवघर मामले में साढ़े तीन साल और चाईबासा केस में पांच साल की सजा लालू यादव रांची की होटवार जेल काट रहे हैं।

Leave a Reply

error: Content is protected !!