बिहार की बेटी मीरा कुमार होंगी विपक्ष की राष्ट्रपति उम्मीदवार, …जानिए

राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए द्वारा रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब विपक्ष ने भी अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार विपक्ष की उम्मीदवार होंगी। उनके नाम का ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के चयन के लिए गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 17 विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में फैसला किया गया कि मीरा कुमार राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की साझा उम्मीदवार होंगी। उनके नाम का प्रस्ताव एनसीपी चीफ शरद पवार ने रखा था। उनका नाम सामने आने के बाद चुनाव दलित वर्सेस दलित हो गया है।

जगजीवन राम की बेटी हैं मीरा
मीरा कुमार का जन्म 31 मार्च 1945 को बिहार के आरा जिले में हुआ। मीरा पूर्व उपप्रधानमंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं। देहरादून और जयपुर में स्कूली पढ़ाई की। वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंद्रप्रस्थ कॉलेज और मिरांडा हाउस कॉलेज की पासआउट हैं। वे एमए और एलएलबी हैं।

मीरा हिंदी, अंग्रेजी, स्पेनिश, संस्कृत और भोजपुरी की जानकार हैं। वे कविताएं भी लिखती हैं। उन्होंने 1973 में इंडियन फॉरेन सर्विस ज्वाइन की। वे भारत-मॉरिशस ज्वाइंट कमीशन की मेंबर रहीं। ब्रिटेन और स्पेन में इंडियन हाईकमीशन में भी काम किया।

उत्तर प्रदेश से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाली मीरा कुमार ने 1985 में बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में मायावती और रामविलास पासवान को पराजित कर पहली बार 8वीं लोकसभा में संसद बन कर कदम रखा। हालांकि इसके बाद हुए चुनाव में वह बिजनौर से हार गईं। इसके बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदला और 11वीं तथा 12वीं लोकसभा के चुनाव में वह दिल्ली के करोलबाग संसदीय क्षेत्र से विजयी होकर फिर संसद पहुंचीं। इसके बाद मीरा कुमार अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने सासाराम जा पहुंचीं। वे बिहार के सासाराम से 14वीं और 15वीं लोकसभा की सदस्य रह चुकी हैं।

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यूपीए-1 की मनमोहन सिंह सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रह चुकी हैं। वे देश की पहली महिला लोकसभा स्पीकर रही हैं। मीरा के पति मंजुल कुमार सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। परिवार में दो बेटियां स्वाति और देवांगना और एक बेटा अंशुल है।

हालांकि, टीआरएस, एआईएडीएमके और वाईएसआर कांग्रेस, बीजेडी और जेडीयू के सपोर्ट के बाद एनडीए के पास राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने वाले इलेक्टोरल कॉलेज के 61.89% वोट हैं। लिहाजा, कोविंद आसानी से अगले राष्ट्रपति बन सकते हैं। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग 17 जुलाई को है। वहीं, रिजल्ट 20 जुलाई को आएगा।

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