बिहार को मोदी कैबिनेट की बड़ी सौगात, …जानिए

मोदी सरकार ने बिहार को दोहरी सौगात दी है। इसके तहत पटना एयरपोर्ट के विस्तार को मंजूरी देने के साथ-साथ होटल पाटलिपुत्र अशोक भी बिहार के हवाले कर दिया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में 1,216.90 करोड़ की लागत से पटना एयरपोर्ट के विस्तार और घरेलू टर्मिनल भवन के निर्माण तथा होटल पाटलिपुत्रा अशोक को राज्य सरकार को सौंपने की स्वीकृति दे दी। यह निर्णय बिहार के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के तहत है।

मिली जानकारी के अनुसार पटना एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन 65,155 वर्ग मीटर का होगा, जिसमें 18,650 वर्गमीटर क्षेत्र भूतल होगा। इससे पटना एयरपोर्ट से सालाना 45 लाख यात्रियों का सुचार आवागमन हो सकेगा। एयरपोर्ट पर इस समय जो सुविधा है, उसमें प्रतिवर्ष 7 लाख यात्रियों के व्यवस्थित आवागनम को संभाला जा सकता है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस भवन को विश्वस्तरीय यात्रा सुविधाओं से लैस किया जाएगा। नए टर्मिनल भवन के निर्माण के साथ साथ एडमिस्ट्रेटिव ब्लॉक, टेक्निकल ब्लॉक, एटीसी कंट्रोल टावर, एयरोब्रिज, फायर स्टेशन, मल्टीलेवल पार्किंग, कार्गों कांप्लेक्स, रेजिडेंसियल कांप्लेक्स और मौसम विभाग के नए भवन का निर्माण होगा। 

पटना एयरपोर्ट पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख हवाई अड्डों में एक है। नया टर्मिनल भवन बनने से पटना क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे अतिरिक्त रोजगार सृजन होगा। इस परियोजना के साथ बिहार के लोगों की आकांक्षाएं पूरी हुई हैं।

होटल पाटलिपुत्रा अशोक बिहार को मिला
केन्द्र सरकार की विनिवेशीकरण योजना के अन्तर्गत पटना स्थित आईटीडीसी के होटल पाटलिपुत्रा अशोक को राज्य सरकार को सौंपने का निर्णय लिया गया है। होटल के साथ राज्य सरकार को उसकी डेढ़ एकड़ जमीन भी मिलेगी। वर्ष 1973 में बिहार सरकार ने भारत सरकार के पर्यटन विभाग को निःशुल्क डेढ़ एकड़ जमीन विभिन्न शर्तों के अधीन लीज पर दिया था। इस होटल को पुनर्मूल्यांकित लागत 13 करोड़ में बिहार सरकार को सौंपा जाएगा। इसके पहले रेलवे से दीघा-आर ब्लॉक रेल लाइन की 71 एकड़ जमीन बिहार को मिल चुकी है।

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