आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण देगी मोदी सरकार

लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा दांव खेला है। आर्थिक रूप से पिछड़े ऊंची जाति को रिझाने के लिए सरकार ने आरक्षण देने की घोषणा की है। सोमवार को पीएम मोदी की अध्‍यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर मुहर लगाई गई। आरक्षण का लाभ सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में मिलेगा। इन सभी को मिलेगा लाभ…

  • जिनकी सालाना आय 8 लाख से कम हो
  • जिनके पास 5 लाख से कम की खेती की जमीन हो
  • जिनके पास 1000 स्क्वायर फीट से कम का घर हो
  • जिनके पास निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो
  • जिनके पास 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो

संविधान में करना होगा बदलाव
आपको बता दें कि मोदी सरकार ये आरक्षण आर्थिक आधार पर ला रही है, जिसकी अभी संविधान में व्यवस्था नहीं है। संविधान में जाति के आधार पर आरक्षण की बात कही गई है, ऐसे में सरकार को इसको लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करना होगा। सरकार के इस फैसले को लोकसभा चुनाव से जोड़ते हुए देखा जा रहा है।

सरकार इसके लिए जल्द ही संविधान में बदलाव करेगी। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में बदलाव किया जाएगा। दोनों अनुच्छेद में बदलाव कर आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का रास्ता साफ हो जाएगा। सरकार के इस फैसले से एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण की पुरानी व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी। आरक्षण का फॉर्मूला 50%+10 % का होगा।

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