सावधान! मैग्नीशियम कार्बोनेट के बाद अब पान मसाला में मिला निकोटिन

बिहार में बिकने वाले 7 पान मसाला ब्राडों में निकोटिन पाया गया है। पान मसाला ब्रांडों में प्रतिबंधित मैग्नीशियम कार्बोनेट के बाद निकोटिन पाये जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गये हैं। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 पान मसाला ब्रांडों के नमूनों को जांच के लिए नेशनल टोबैको टेस्टिंग लेबोरेटरी में भेजा गया था। वहां हुई जांच में 7 ब्रांडों रजनीगंधा, सुप्रीम, कमला पसंद, रौनक, सिग्नेचर, राजश्री व मधु में निकोटिन पाया गया है।

गौरतलब है कि 30 अगस्त को मैग्नीशियम कार्बोनेट पाये जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त संजय कुमार ने लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पान मसाला के 15 ब्रांडों के उत्पादन, भंडारण व परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि फूड सेफ्टी एक्ट-2011 के रेगुलेशन 2.3.4 के तहत किसी भी खाद्य पदार्थ में निकोटिन या तंबाकू की मिलावट प्रतिबंधित है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अवमानना भी है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के अप्रैल माह में अंकुर गुटखा के एक मामले में आदेश जारी करते हुए निकोटिन युक्त पान मसाला और गुटखा को प्रतिबंध किया था। साथ ही सभी राज्य सरकारों को सख्ती से इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करवाने का निर्देश दिया था। गौरतलब है कि ये कंपनियां अपने पैकेट्स पर 0% निकोटिन और 0% तंबाकू लिखकर ग्राहकों को गुमराह कर रही है।

क्या है निकोटिन?
निकोटीन जहरीला पदार्थ है, साथ ही यह नशे को बढ़ावा देता है। निकोटिन तंबाकू के पौधे में पाये जाने वाला एक अत्यधिक नशे की लत लगाने वाला रासायनिक पदार्थ है। इससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इससे कैंसर सहित कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। निकोटिन का एकमात्र ज्ञात उपयोग 17वीं शताब्दी से कीटनाशक के रूप में किया जाता रहा है। भारत में 40% कैंसर के रोगी मुंह व गला के कैंसर से पीड़ित हैं, जो निकोटिन जैसे पदार्थों के कारण होता है।

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