नीतीश कैबिनेट: 7वें वेतन आयोग समेत 30 एजेंडों पर लगी मुहर…

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 30 अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई है। इनमें वित्त विभाग के तहत अहम निर्णय लेते हुए सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग के आलोक में केन्द्रीय कर्मियों की भांति राज्य कर्मियो को वेतन/भत्तों पर अनुसंसा देने हेतु गठित राज्य वेतन आयोग की अवधि 30 सितंबर तक विस्तारित करने को मंजूरी दी गई है।

बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन को मंजूरी
इसके अलावा राज्य सरकार ने बैंकों और अन्य सभी औद्योगिक संस्थाओं में सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए बिहार राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआइएसएफ) के गठन को मंजूरी दे दी है।

बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि इस बल के गठन के लिए 2698 पदों की स्वीकृति दी गयी है। अब इन पदों पर बहाली के अलावा एसआइएसएफ को समुचित आकार देने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी जायेगी। इसका गठन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के तर्ज पर किया जा रहा है।

इसके अलावा विधान परिषद की एक मनोनयन वाली सीट पर मनोनीत करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।

मनरेगा में 15 दिन में मिलेगा पैसा
ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) मजदूरो के लिए भी बड़ी राहत देते हुए विलंब से मजदूरी भुगतान हेतु क्षतिपूर्ति भुगतान नियमावली 2017 की स्वीकृति दी गई है।

इसके तहत मस्टर रॉल के बंद होने की तारीख के 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में, अकुशल श्रमिकों को, भुगतान में विलंब के लिए, मस्टर रॉल के बंद होने के 16वें दिन से विलंब के लिए 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से क्षतिपूर्ति देना होगा। विभाग के मुताबिक इससे मनरेगा अन्तर्गत श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान ससमय हो पाएगा तथा योजना में अतिरिक्त पारदर्शिता आएगी।

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इसके अलावा मनरेगा मजदूरों के साथ ही समाज कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन राशि को दोगुना करते हुए 50 हज़ार रुपये से एक लाख रुपये करने को स्वीकृति दी गई है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए अब तक 2600 करोड़ जारी
राज्य सरकार बाढ़ की विभीषिका से लोगों को राहत देने के लिए अब तक 2600 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इस राशि में से करीब 75% रुपये लोगों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर कर दिये गये हैं। बचे हुए लोगों के बैंक खातों में भी रुपये जल्द ही ट्रांसफर कर दिये जायेंगे। प्रति बाढ़पीड़ित परिवार को करीब 10 हजार रुपये की दर से अनुदान दिया जा रहा है। राज्य आपदा रिस्पांस फंड के जरिये ये रुपये तीन चरणों में जारी किये गये हैं।

इनमें 1935 करोड़ और 516 करोड़ रुपये दो अलग-अलग किस्त में जारी किये गये हैं। बाढ़पीड़ितों को तमाम सुविधाएं देने के लिए सरकार ने ये रुपये जारी किये हैं। इसकी मदद से सामुदायिक भोजन की व्यवस्था, खाद्यान्न, तिरपाल समेत अन्य तमाम सामग्री और सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं।

शिक्षक ले सकेंगे सवैतनिक ट्रेनिंग
कैबिनेट के एक अन्य फैसले में बिहार जिला पर्षद माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा शर्तें) नियमावली- 2017 में दूसरे संशोधन को मंजूरी दी गयी। इसके तहत नियोजित हुए अप्रशिक्षित शिक्षक सवैतनिक ट्रैनिंग ले सकते हैं। शर्त यह है कि उन्हें राज्य की तरफ से अधिकृत या सरकारी ट्रेनिंग कॉलेजों में ही ट्रेनिंग लेनी होगी।

साथ ही ट्रेनिंग के बाद पांच वर्ष तक शिक्षक के रूप में राज्य सरकार में ही सेवा देना अनिवार्य होगा। अगर पांच वर्ष के पहले वे नौकरी छोड़ कर चले जाते हैं, तो उन्हें ट्रेनिंग के दौरान दिये गये सभी वेतन और भत्तों को सरकारी कोष में वापस जमा करना पड़ेगा। यह सुविधा शैक्षणिक सत्र 2015-17 से मुहैया करायी जायेगी। पहले ऐसे शिक्षकों को तीन वर्षों के अंदर ट्रेनिंग लेने की अनिवार्यता थी।

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