नीतीश कैबिनेट : राज्य कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी, …जानिए

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में 24 ऐजेंडे पर लगी मुहर लगी। कैबिनेट की बैठक में बाढ़ राहत कार्यों को लेकर महत्वूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके मुताबिक बिहार आकस्मिकता निधि से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए कुल 1,935 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

बैठक में संबंध में जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव बृजेश मेहरोत्रा ने बताया कि एक हफ्ते के भीतर सभी पीड़ित परिवार को अनुदान राहत (जीआर) मद का 6000 रुपया दे दिया जाएगा। इसमें तीन हज़ार रुपये खाद्यान्न के हैं जबकि बाकी के तीन हजार कपड़े और बर्तन के लिए हैं। उन्होंने बताया कि पहले सीधे तौर पर खाद्यान्न दिया जाता था लेकिन उस प्रक्रिया को बदलते हुए अब सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में पूरा पैसा डाल दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में 90 प्रतिशत पीड़ितों के बैंक खाते प्राप्त हो चुके हैं। बचे हुए लोगों के खाते खुलवाने के लिए संबंधित डीएम को कैंप लगाने का निर्देश जारी कर दिया गया है। इसके अलावा बाढ़ में तबाह हुए घरों और फसल की क्षतिपूर्ति का आकलन भी किया जा रहा है।

जहां-जहां पानी उतर गया है वहां आकलन का काम शुरु हो गया है जबकि अन्य जगहों पर पानी उतरने का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि बाढ़ में मरने वाले 80 प्रतिशत लोगों के परिवार को 4-4 लाख रु. का मुआवज़ा दिया जा चुका है जबकि बाकियों की शिनाख्त की जा रही है।

इसके अलावा अब दूसरे राज्यों में काम करने के ख्वाहिशमंद राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए भी खुशखबरी है। अब राज्यकर्मी भी केन्द्र कर्मियों की तरह दूसरे राज्यों में अपने समकक्ष पद पर काम कर सकते हैं। इसके लिए अन्तर्राज्यीय प्रतिनियुक्ति हेतु नीति निर्धारण के संबंध में निर्णय लिया गया है।

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इसके तहत स्थायी राज्यकर्मियों के अनुरोध पर उन्हें दूसरे राज्यों में तीन साल के लिए भेजा जा सकता है। इसके लिए दोनों राज्यों में परस्पर सहमति की आवश्यकता होगी। साथ ही तीन साल पूरा होने के बाद अगले दो साल के लिए प्रतिनियुक्ति बढ़ाई जा सकती है।

इसके अलावा गृह विभाग के तहत पुलिस अवर निरीक्षक एवं समकक्ष पदों पर सीधी नियुक्ति हेतु बिहार पुलिस हस्तक, 1978 के सुसंगत प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत रैयतों से राजस्व एवं सेस की वसूली 10 (दस) रुपये के गुणक में किये जाने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षा विभाग के तहत राज्य के मान्यता प्राप्त गैर सरकारी अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक/शिक्षकेत्तर कर्मियों को 1 जनवरी 1996 से पंचम एवं 1 जनवरी 2006 से षष्ट्म वेतन पुनरीक्षण तथा 1 अप्रैल 1997 पंचम वेतन पुनरीक्षण का आर्थिक लाभ एवं 1 अप्रैल 2007 से षष्ट्म वेतन पुनरीक्षण का आर्थिक लाभ प्रदान करने की स्वीकृति तथा आर्थिक लाभ प्रदान करने में होने वाले 35 करोड़ रुपये की स्वीकृति एवं विमुक्ती का निर्णय लिया गया है।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (क्रिमिनल) 1779/2016 में 28 फरवरी 2017 को पारित न्यायादेश के आलोक में राज्य के राइस मिलर्स के मामले की सुनवाई के लिए 5 (पांच) सिविल जज (जूनियर डिविजन) के पद सृजन के लिए कुल अनुमानित वार्षिक व्यय भार 50 लाख 43 हजार 912 रूपये की रासि को मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट की बैठक में मुख्य फैसले इस प्रकार से हैं-
राइस मिलर्स के मामलों की सुनवाई के लिए पांच सिविल जज के पद का सृजन। 50 लाख 43 हजार 912 रुपये की स्वीकृति।
एनसीसी पदाधिकारियों और कैडेटों के भत्ता और मानदेय केंद्रांश में बढ़ोत्तरी।
पथ निर्माण विभाग के कई योजनाओं की स्वीकृति।
बिहार नियोजन सेवा संशोधन नियमावली 2017 की स्वीकृति।

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