तेज हुई बिहार में ‘मोदी केयर’ को अमल में लाने की कवायद

पीएम मोदी की ड्रीम प्रोजेक्ट ‘आयुष्मान हेल्थ स्कीम’ को बिहार में लागू करने पर पहल तेज हो गई है। चर्चा है कि आयुष्मान हेल्थ स्कीम को लागू करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान राज्य सरकार से कई जानकारियां भी मांगी गई है। गौरतलब है कि बजट के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की प्रशंसा करते हुए स्वास्थ्य बीमा की घोषणा पर खुशी जाहिर की थी। केंद्र सरकार की यह योजना ‘मोदी केयर’ के नाम से चर्चित हो गया है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन और नीति आयोग के सदस्यों और बिहार सरकार के अधिकारियों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात हुई। इस दौरान बिहार सरकार से कई जानकारियां मांगी गई। बिहार की ओर से स्टेट हेल्थ सोसाइटी के ईडी लोकेश कुमार सिंह ने मीटिंग में हिस्सा लिया। 2018 के बजट में आयुष्मान योजना की घोषणा हुई है, जिसके तहत दस करोड़ परिवारों को कैशलेश बीमा का लाभा मिलेगा। इसके तहत सरकार पांच लाख तक का खर्च उठाएगी। साथ ही इसके प्रीमियम का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी।

ज्ञात हो कि बजट भाषण में अरुण जेटली ने कहा था कि हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए 1,200 करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे। वहीं, स्वास्थ्य के लिए 1.5 लाख आरोग्य सेंटर स्थापित किए जाएंगे। बजट में देश भर में 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों खोले जाने की भी बात कही गई है। तीन संसदीय क्षेत्र के बीच में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।

Leave a Reply