देश के 12 राज्यों में बिहार का बिजली मॉडल होगा लागू, …जानिए

बिहार की मुख्यमंत्री विद्युत निश्चय योजना को केंद्र सरकार ने काफी सराहा है और इसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है। शायद यही कारण है कि बिहार बिजली मॉडल को 12 राज्यों में भी लागू कराया जाएगा, जिसकी पहल खुद केंद्र सरकार कर रही है।

पिछले दिनों रूलर इलेक्ट्रिफिकेशन काॅरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पीवी रमेश के नेतृत्व में केंद्रीय टीम ने बिहार के गांवों का दौरा किया था। अब इस मॉडल को देखने और समझने के लिए एक दर्जन राज्यों के बिजली पदाधिकारी 7 और 8 अगस्त को बिहार के दौरे पर रहेंगे। बिजली कंपनी के नेतृत्व में 7 अगस्त को राजगीर और 8 अगस्त को हाजीपुर का दौरा करेंगे।

इन राज्यों के बिजली पदाधिकारी आएंगे बिहार
बिहार के बिजली मॉडल देखने के लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के बिजली पदाधिकारी 7 व 8 अगस्त को बिहार आएंगे। इनमें इन राज्यों के ऊर्जा सचिव, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी, चीफ इंजीनियर शामिल हैं।

क्या है बिहार का बिजली मॉडल
बिहार में ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत बीपीएल परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने का काम चल रहा है। लेकिन, राज्य के एपीएल परिवारों को बिजली कनेक्शन देने की योजना पर सरकारों ने काम नहीं किया। इस बात काे ध्यान में रखकर नीतीश सरकार ने सात निश्चय में एपीएल परिवारों को बिजली देने की घोषणा की।

सरकार बनने के बाद राज्य के एपीएल परिवारों का सर्वे कराया गया। सर्वे में पाया गया कि 50 लाख से अधिक एपीएल परिवारों के घरों ने बिजली कनेक्शन नहीं है। वर्तमान समय में मुख्यमंत्री विद्युत संबंध निश्चय योजना के तहत राज्य में एपीएल परिवारों को बिजली कनेक्शन देने का काम चल रहा है।

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क्या है इसकी खासियत
बिजली कनेक्शन देने के वक्त उपभोक्ताओं को पैसा और सामान नहीं देना है। बिजली मीटर की कीमत को छोड़ 2200 रुपए का जरूरी सामान यानी सर्विस वायर, बोर्ड, कटआउट सहित अन्य सामग्री, मेहनताना, कनेक्शन शुल्क बिजली कंपनी दे रही है।

यह पैसा बिजली बिल के साथ 10 किस्तों में उपभोक्ताओं के घर भेजा जाएगा। बिजली मीटर का कीमत 20 रुपए प्रतिमाह बिजली बिल में शामिल रहेगा, जो बिजली खपत किए जाने वाले बिजली बिल के साथ ग्राहकों को चुकाना है।

बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। बिजली कंपनी द्वारा चयनित एजेंसी के कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए उपभोक्ताओं का आवेदन ऑनलाइन अपलोड करते हैं। मीटर लगाने के बाद मोबाइल एप पर फोटो अपलोड करते हैं। इसके बाद ऑटोमेटिक तरीके से बिलिंग साइकिलिंग में उपभोक्ता का खाता संख्या शामिल हो जाता है।

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