राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भेजी गई मुजफ्फरपुर की शाही लीची

मुजफ्फरपुर की शाही लीची राष्ट्रपति भवन व प्रधानमंत्री के आवास में अपना स्वाद बिखेरेगी। जिला प्रशासन की ओर से एक जून की रात करीब दो बजे फ्रीजर वैन से लीची रवाना की गई। शाही लीची शुद्ध और ताजी पहुंचे, इसलिए सप्लायर ने लीची को प्रोसेस कर पैकिंग किया है। परंपरा रही है कि हर साल जिला प्रशासन की ओर से देश के इन दोनों गणमान्यों को शाही लीची भेजी जाती है।

इस बार जिला प्रशासन की ओर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास के लिए ढाई किलो की एक हजार पैकेट शाही लीची भेजी गई है। जिला उद्यान अधिकारी राधेश्याम के अनुसार रविवार तक राष्ट्रपति आवास लीची पहुंच जाएगी। लीची की गुणवत्ता की जांच-परख कर भेजी गई है। इस बार जिला प्रशासन ने सप्लायर आलोक केडिया को लीची भेजने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

गुणवत्ता के कारण हुई देरी
इस बार शाही लीची के गुणवत्ता में कमी आने के कारण अच्छे क्वालिटी की लीची भेजने में निर्धारित समय से 17 दिन विलंब से लीची राष्ट्रपति भवन को भेजी गई है। अच्छी क्वालिटी की लीची नहीं मिलने के कारण शुक्रवार रात दो बजे फ्रीजर वैन से लीची भेजी गई।

मुजफ्फरपुर में दो तरह की लीची
मुजफ्फरपुर में दो तरह की लीची पैदा होती है। जिसमें शाही लीची सबसे मशहूर है। शाही लीची की सबसे बड़ी खासियत यह है कि चाइना लीची के मुकाबले काफी बड़ी होती है और सबसे पहले पककर तैयार हो जाती है। हालांकि गर्म हवाओं और नमी नहीं होने के कारण शाही लीची का फल अकसर फट जाता है। ऐसे में वो चाइना लीची के आकार से थोड़ा छोटा होता है। वहीं चायना लीची मे फल फटने का खतरा नहीं रहता है। आम के महीने में चाइना लीची पूर्णतः पककर तैयार होती है। यह शाही लीची के मुकाबले अत्यधिक मीठी होती है।

पढ़े :   इंटरमीडिएट परीक्षा 2018 के लिए बदले हुए प्रश्न पत्र का पैटर्न जारी, ...देखें

Leave a Reply

error: Content is protected !!