बिहार में होली से पहले बिजली उपभोक्ताओं को लगा झटका, …जानिए

बिहार. पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों की परेशानी और बढ़ने वाली है। होली से ठीक पहले बिहार बिजली विनियामक आयोग ने बिजली के नए दरों की घोषणा कर दी है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 0.63 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दर में 5 से 35 पैसा प्रति यूनिट बढ़ोतरी की गई है। वहीं, ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दर में 5 पैसे से लेकर 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही स्लैब की संख्या चार से घटाकर तीन किये जाने से कुछ कैटेगरी में बिजली की दर में कमी भी आई है।

यह टैरिफ आदेश 1 अप्रैल 2021 से लागू होगा और 31 मार्च 2022 या आयोग द्वारा अगला टैरिफ आदेश निर्गत होने तक प्रभावी रहेगा। विनियामक आयोग ने बिजली की नई दरों का जो एलान किया है वह बगैर सब्सिडी के है। बाद में राज्य सरकार के स्तर पर सब्सिडी की घोषणा के बाद टैरिफ में बदलाव हो सकता है।

जन सुनवाई के बाद दरें बढ़ाने का फैसला
बिजली की दर निर्धारण के लिए पांच कंपनियों ने संयुक्त रुप से प्रस्ताव दिया था। इसमें से तीन कंपनियों के प्रस्ताव पर फैसला पहले ही आ चुका था। दो कंपनियों साउथ और नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रस्ताव पर फैसले के बाद नई दरें निर्धारित की गई हैं। इन दोनों कंपनियों ने बिजली की दर में 9 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव पहले ही दे रखा था। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन ने 42.86 प्रतिशत और नॉर्थ बिहार कंपनी ने 27.71 परसेंट का नुकसान दिखाया था। इसलिए रेट बढ़ाने का दबाव ज्यादा था। इस पर जन सुनवाई के बाद आयोग ने दरें बढ़ाने का फैसला लिया है।

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नये बिजली दर की पूरी सूची

आयोग ने ये निर्णय भी लिए हैं:
– वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित बाई-डाईरेक्शनल मीटर परीक्षण शुल्क को स्वीकृत किया गया।
– इलेक्ट्रिकल व्हीकल यानी विद्युत चालित वाहन के लिए नई श्रेणी का सृजन किया गया है।

– वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित प्रीपेड स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को तीन प्रतिशत छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
– वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित लेट फाइन को 1.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.54 प्रतिशत प्रतिमाह किया गया है। यह 10 दिनों के ग्रेस पीरियड के बाद से लागू होगा।
– दोनों वितरण कंपनियों की क्षति का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15 फीसदी निर्धारित किया गया है। इससे अधिक क्षति पर उसका भार उपभोक्ताओं पर नहीं थोपा जाएगा।

राज्य में बिजली उपभोक्ता
वर्ष 2020 तक बिहार में कुल 1 करोड़ 58 लाख 77 हजार 310 विद्युत उपभोक्ता हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में उपभोक्ताओं की अनुमानित संख्या 1 करोड़ 66 लाख 60 हजार 541 और 2021-22 में यह 1 करोड़ 75 लाख 24 हजार 67 है।