अंबानी से आगे निकले बिहार के संप्रदा सिंह, …जानिए

आए दिन सुर्खियों में रहने वाला बिहार एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बार की वजह मशहूर पत्रिका फोर्ब्स है जिसने लोगों को बिहार पर चर्चा करने के लिए मजबूर कर दिया है।

हाल ही में फोर्ब्स की ओर से जारी की गई भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की सूची में बिहार से भी एक नाम शामिल है। इस सूची में बिहार के संप्रदा सिंह ने मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी से आगे निकल गए हैं। फोर्ब्स की सूची में संप्रदा सिंह 43वां स्थान पर हैं। जबकि अनिल अंबाली 45वें स्थान पर हैं। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार अभी भी 60 वर्षीय मुकेश अंबानी भारत के सबसे दौलतमंद इंसान हैं।

संप्रदा सिंह यह दर्जा हासिल करने वाले पहले बिहारी उद्यमी हैं। संप्रदा सिंह बिहार के जहानाबाद जिले के रहने वाले हैं। इनके पिता एक संधारण किसान परिवार थे।

संप्रदा सिंह पटना यूनिवर्सिटी से बीकॉम की अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे पटना में 1953 में एक दवा दुकान से अपना व्यवसाय शुरु किया था। दवा की दुकान चलाने में उन्हें मन नहीं लगा। 1960 में उन्होंने पटना में ही फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूशन फर्म मगध फार्मा खोली।

मेहनत व मिलनसारिता के कारण वे शीघ्र ही कई बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर बन गए। लेकिन इन्हें यहां भी मन नहीं लगा। वे दवा विक्रेता से दवा निर्माता बनने का संकल्प लेकर मुंबई शिफ्ट कर गए। यहां 1973 में उन्होंने एल्केम लेबोरेटरीज स्थापित की।

सीड कैपिटल बहुत कम होने से प्रारंभिक पांच साल उन्हें संघर्ष करना पड़ा। लेकिन, 1989 में टर्निंग पाइंट आया। जब एल्केम लैब ने एंटी बायोटिक कंफोटेक्सिम का जेनेरिक वर्जन टेक्सिम बनाया। इसकी इनवेंटर कंपनी मेरिन रूसेल (अब सेनोफी एवेंटिस) ने एल्केम को बहुत छोटा प्रतिस्पर्धी मानकर गंभीरता से नहीं लिया। फ्रेंच बहुराष्ट्रीय कंपनी से चूक हुई और किफायती मूल्य के कारण टेक्सिम ने मार्केट में वर्चस्व कायम कर लिया।

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एल्केम लेबोरेटरीज आज फार्मास्युटिकल्स और न्यूट्रास्युटिकल्स बनाती है। 30 देशों में इसका कारोबार फैला हुआ है।

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