प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार कार्ड करते हैं इस्तेमाल तो इस चेतावनी को जरूर पढ़ें

अगर आपके पास प्लास्टिक या लैमिनेटेड आधार कार्ड है तो हो जाइये सावधान। ऐसा करने पर आपके आधार का क्यूआर कोड काम करना बंद कर सकता है या फिर निजी जानकारी चोरी हो सकती है। UIDAI सीईओ अजय भूषण पांडे ने मंगलवार को कहा कि “आधार लेटर, इसका कटअवे पोर्शन, साधारण कागज पर डाउनलोडेड वर्जन और mAadhaar पूरी तरह वैध है। आधार कार्ड की अनाधिकृत प्रिंटिंग के लिए 50 से 300 रुपए तक लिए जा रहे हैं और ये रकम देना बिल्कुल जरूरी नहीं है।’

इन्फर्मेशन शेयर होने की आशंका
“प्लास्टिक आधार कार्ड या फिर लैमिनेटेड आधार कार्ड का क्यू आर कोड अनाधिकृत प्रिंटिंग के दौरान काम का नहीं रह जाता है। इसलिए ये स्मार्ट आधार कार्ड इस्तेमाल के लायक नहीं रह जाते। इसके अलावा बिना आपकी जानकारी के पर्सनल आधार डिटेल शेयर किए जाने की आशंका भी बढ़ जाती है।’

अपनी डिटेल शेयर ना करें
UIDAI ने लोगों को इस बात के लिए भी आगाह किया है कि वे अपना आधार नंबर और पर्सनल डिटेल किसी भी अनाधिकृत एजेंसी से शेयर ना करें। इसे लैमिनेट या प्लास्टिक कार्ड पर प्रिंट कराते वक्त भी ऐसा ना करें। अनाधिकृत एजेंसियों को भी कहा गया है कि वे आधार कार्ड प्रिंट करने के लिए लोगों से उनकी डिटेल ना मांगे। अगर ऐसा किया जाता है तो ये क्रिमिनल ऑफेंस होगा।

डेटा सिक्युरिटी के लिए अब वर्चुअल ID
आधार डेटा की सुरक्षा के लिहाज से UIDAI वेरिफिकेशन के लिए वर्चुअल आईडी जारी करेगा। हालांकि, यह ऑप्शनल होगी, कोई यूजर वेरिफिकेशन के लिए अपना 12 अंक का आधार नंबर नहीं बताना चाहता है तो वह वर्चुअल आईडी दे सकता है। 1 जून से सभी एजेंसियां इस आईडी के जरिए भी वेरिफिकेशन करेंगी।
कोई भी आधार होल्डर UIDAI की वेबसाइट से वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकता है। 16 डिजिट की इस आईडी का इस्तेमाल मोबाइल नंबर के वेरिफिकेशन समेत कई स्कीम में KYC के लिए किया जा सकता है।

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देश में 119 करोड़ लोगों के पास आधार
अथॉरिटी के मुताबिक, अब तक देश के 119 करोड़ लोगों को आधार नंबर (बायोमैट्रिक आईडी) जारी किए जा चुके हैं। कोई भी इसे पहचान के तौर पर पेश कर सकता है।

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