केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का एम्स में निधन

राज्यसभा सांसद और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्‍यमंत्री अनिल माधव दवे का गुरुवार सुबह निधन हो गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, 61 वर्षीय दवे ने आज सुबह अपने घर पर बेचैनी की शिकायत की और तब उन्हें एम्स ले जाया गया। वहां उनका निधन हो गया।

मध्‍य प्रदेश के उज्‍जैन जिले के बरनागर गांव में 6 जुलाई, 1956 को जन्‍मे दवे ने अपनी आरंभिक शिक्षा गुजरात में हासिल की। उन्‍होंने इंदौर से ग्रामीण विकास एवं प्रबंधन में विशेषज्ञता के साथ वाणिज्‍य में स्‍नातकोत्‍तर की डिग्री हासिल की। वह कॉलेज के दिनों में एक छात्र नेता थे।

वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे और लंबे समय से आरएसएस से जुड़े थे। अनिल माधव अभी तक अविवाहित थे। अनिल माधव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वह एक कॉमर्शियल पायलट भी थे। उनके निधन पर भाजपा समेत कई दलों के नेताओं ने शोक जताया है।

पीएम मोदी ने जताया शोक
केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि अनिल माधव एक समर्पित जनसेवक थे और वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति बहुत ही भावुक थे। पीएम मोदी ने कहा कि मैने बुधवार शाम को भी अनिल माधव से कई मुद्दों पर चर्चा की थी। केन्द्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू, सुरेश प्रभु, स्मृति ईरानी, आदि ने भी श्री दवे के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय रहे
मध्यप्रदेश से राज्यसभा के सांसद दवे पर्यावरण मंत्री बनने से पहले ही पर्यावरण संरक्षण के अभियान में काफी सक्रिय रहे थे। नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए उन्होंने अपना एक संगठन बना रखा था। वह पर्यावरण के क्षेत्र में काफी अध्ययन करते थे और जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते का भारत की ओर से अनुमोदन किये जाने में दवे ने अहम भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री की पर्यावरण से जुडी योजनाओं में वह एक प्रमुख नीतिकार और सलाहकार थे।

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