बिहार में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय खुलेगा, …जानिए

बिहार में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय खुलेेगा। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, पारा मेडिकल संस्थान, आयुर्वेदिक कॉलेज और यूनानी संस्थान इसके अधीन होंगे। विश्वविद्यालय का क्या स्वरूप हो, इसके लिए राज्य सरकार ने चार सदस्यीय कमेटी बनाई है। राज्य में अभी मेडिकल कॉलेजों का संचालन आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय करता है।

स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य विज्ञान विवि की स्थापना के लिए विभाग के संयुक्त सचिव कौशल किशोर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसमें सदस्य के तौर पर एनएमसीएच के प्राचार्य प्रो. विजय कुमार गुप्ता, पीएमसीएच के अधीक्षक प्रो. राजीव रंजन प्रसाद और केयर संस्था के एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। कमेटी को तीन महीने के अंदर रिपोर्ट सौंपनी है। इधर एमसीआई ने बोर्ड ऑफ गर्वनर्स के सदस्य डॉ. विनोद कुमार पॉल की ओर से जारी पत्र में कहा है कि बिहार में दिसंबर 2020 तक स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना कर लेनी है, इसीलिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

क्यों जरूरत पड़ी
आर्यभट्ट ज्ञान विवि तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी संचालित करता है। पिछले कई वर्षों से मेडिकल शिक्षा पिछड़ रही थी, क्योंकि विश्वविद्यालय पर अधिक बोझ होने के कारण न तो समय से एमबीबीएस की परीक्षा हो पा रही थी और न ही शैक्षणिक कैलेंडर के अन्य कार्य। इसलिए एमसीआई द्वारा 4 अप्रैल 2019 को जारी पत्र के आलोक में स्वास्थ्य विज्ञान विवि शुरू करने का निर्णय लिया गया।

क्या है वर्तमान स्थिति
राज्य में 12 सरकारी व 5 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हैं। हर साल एमबीबीएस में 1180 सीटों पर दाखिला होता है। राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या अगले 5 वर्षों में 25 हो जाएगी।

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बिहार तीसरा राज्य होगा
देश में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय गुजरात और हरियाणा में है। दोनों राज्यों में मेडिकल कॉलेजों का संचालन यही विश्वविद्यालय करता है। यही कारण है कि इन राज्यों में चिकित्सा शिक्षा में हाल के वर्षों में काफी सुधार हुआ है।

राज्य में स्वास्थ्य विज्ञान विवि की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसका स्वरूप तय करने के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद इस दिशा में पहल की जाएगी कि विश्वविद्यालय की स्थापना कहां की जाए। – संजय कुमार, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग

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