वेंकैया नायडू देश के 13वें उपराष्ट्रपति होंगे, …जानिए

वेंकैया नायडू देश के 13वें उपराष्ट्रपति होंगे। शनिवार को उपराष्‍ट्रपति चुनाव के लिए हुए मतदान में उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवर गोपालकृष्‍ण गांधी को 272 वोटों से हराया। वेंकैया नायडू को 516 वोट मिले जबकि गोपालकृष्ण गांधी को 244 मत मिले।

जीत के बाद नायडू ने कहा- “मैं प्रधानमंत्री और सभी पार्टी लीडर का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया।”

14 सांसदों ने वोट नहीं डाला
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 14 सांसदों ने वोट नहीं डाला। इनमें बीजेपी से 2, कांग्रेस से 2, आईयूएमएल से 2, टीएमसी से 4, एनसीपी से 1, पीएमके से 1 और 2 निर्दलीय सांसद शामिल हैं।

इन सांसदों ने वोट नहीं डाला
विजय गोयल (बीजेपी), सांवरलाल जाट (बीजेपी), मौसम नूर (कांग्रेस), रानी नारा (कांग्रेस), उदयनराजे भोसले (एनसीपी), अंबुमणि रामाडॉस (पीएमके) से हैं।

वहीं, कुणाल कुमार घोष, तापस पॉल, प्रोतिमा मंडल और अभिषेक बनर्जी टीएमसी से हैं। पीके कुल्हालीकुट्टी और अब्दुल वहाब आईयूएमएल के सांसद हैं। अनु आगा और एन के सारनिया निर्दलीय सांसद हैं।

बीजेपी सांसद विजय गोयल और सांवर लाल जाट की तबियत ठीक नहीं है। दोनों सांसद हॉस्पिटल में एडमिट हैं।

गांधी ने कहा- मैं वेंकैया जी को बधाई देता हूं
रिजल्ट आने के बाद, गोपालकृष्ण गांधी ने कहा- ”मैं वेंकैयाजी को उपराष्ट्रपति पद की बधाई देता हूं। मैं सभी सांसदों का धन्यवाद अदा करता हूं। फ्री स्पीच और सेक्युलिरिज्म के लिए देश की सभी पार्टियां एक साथ होकर लड़ीं। मैं आप सबसे कहना चाहता हूं कि इस चुनाव में बहुत बड़ी जीत मिली है। पहली वेंकैयाजी को और दूसरी हमारे देश की उत्सुकता और जागरूकता से हमें बोलते की आजादी मिलेगी।”

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पहली बार राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बीजेपी से
1980 में बनी बीजेपी के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि पार्टी से जुड़ा नेता उपराष्ट्रपति होगा। बीजेपी से जुड़े रामनाथ कोविंद पहले ही राष्ट्रपति पद पर काबिज हो चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं ही।

कौन हैं वेंकैया?
– 68 साल के वेंकैया का जन्म 1 जुलाई, 1949 को नेल्लोर के चावतापालेम में हुआ था। वेंकैया का नाम सबसे पहले 1972 के जय आंध्र आंदोलन से सुर्खियों में आया था। 1974 में वे आंध्रा यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट यूनियन के नेता चुने गए। इसके बाद वह आपातकाल के दौरान जेपी आंदोलन से जुड़े। आपातकाल के बाद ही उनका जुड़ाव जनता पार्टी से हो गया था। वे 1977 से 1980 तक जनता पार्टी की यूथ विंग के प्रेसिडेंट भी रहे। बाद में वे भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गए। 1978 से 85 तक वे दो बार विधायक भी रहे।
– 1980-85 के बीच वेंकैया आंध्र प्रदेश में बीजेपी के नेता रहे। 1985-88 तक पार्टी के जनरल सेक्रेटरी रहे। 1988-93 तक उन्हें राज्य का बीजेपी प्रेसिडेंट बनाया गया। सितंबर, 1993 से 2000 तक वे नेशनल जनरल सेक्रेटरी की पोस्ट पर भी रहे। वे 2002 से 2004 के बीच बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट भी रहे।
– वेंकैया अटल बिहारी वायजेपी के करीबी थे, जिस वजह से उन्हें वाजपेयी सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री का जिम्मा सौंपा गया था। मोदी सरकार में वे शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उन्‍मूलन और संसदीय कार्य मंत्री रहे।
– नायडू की पत्नी का नाम एम. उषा है। परिवार में एक बेटा और दो बेटी हैं।

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बता दें कि लगातार दो बार उपराष्ट्रपति रहे हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है। इसी दिन इन्हें सांसद विदाई देंगे। वहीं, वेंकैया नायडू 11 अगस्त को कार्यभार संभालेंगे।

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