बिहार कैबिनेट के फैसले: कृषि समन्वयकों का मानदेय 15 हजार से बढ़कर हुआ 32 हजार रुपए

बिहार सरकार ने कृषि समन्वयकों को बड़ा तोहफा दिया है। इनका मानदेय 15 हजार से बढ़ा कर 32 हजार रुपये कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी मंजूरी दी गई।

एक अप्रैल 2017 के प्रभाव से इसका लाभ कृषि समन्वयकों को मिलेगा। कृषि विभाग जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी करेगा। राज्य में अभी 2745 कृषि समन्वयक कार्यरत हैं। बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं में तकनीकी सहयोग करने के लिए इन समन्वयकों का नियोजन संविदा पर किया गया है।

एक अन्य फैसले में विश्वविद्यालयों में कार्यरत चिकित्सकों की सेवानिवृति उम्र 65 से बढ़ाकर 67 वर्ष कर दी गई है।

विभागों में संयुक्त अपर सचिव रैंक के रिटायर्ड अधिकारियों का बनेगा पैनल
राज्य सरकार ने सभी स्तर के सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ लंबित पड़ी विभागीय कार्यवाही का जल्द निबटारा करने के लिए व्यापक स्तर पर कवायद शुरू की है। इसके तहत संबंधित विभागों में एक पैनल तैयार किया जायेगा, जिसमें संयुक्त और अपर सचिव रैंक के अलावा अन्य स्तर के रिटायर्ड अधिकारी शामिल होंगे।

बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि सरकारी सेवकों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही का जल्द निबटारा करने के लिए संबंधित विभागों में रिटायर्ड अधिकारियों का एक पैनल तैयार किया जायेगा। पैनल को लंबित मामलों का निबटारा चार से छह महीने में करना होगा।

बदले में सरकार इन्हें एक निर्धारित मानदेय देगी। अगर चार महीने के अंदर मामलों का निबटारा कर दिया जाता है तो संयुक्त सचिव या इसके समकक्ष पदाधिकारियों को 45 हजार और अपर सचिव या समकक्ष पदाधिकारियों को 36 हजार रुपये प्रति महीने की दर से मानदेय दिया जायेगा।

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अगर मामलों का निबटारा छह महीने में करते हैं तो संयुक्त सचिव को 36 हजार और अपर सचिव को 30 हजार रुपये दिये जायेंगे। इसके अलावा इन्हें 15 हजार रुपये परिवहन भत्ता भी दिया जायेगा। संविदा पर इनकी बहाली मुख्य रूप से लंबित पड़े मामलों का निबटारा करने के लिए ही किया जायेगा।

अब मजदूरों का न्यूनतम वेतन Rs. 14,800
सातवें वेतनमान आयोग की अनुशंसाएं लागू होने के बाद मजदूरों या नियमित मजदूरों के लिए भी वेतनमान तय कर दिया गया है। इनके लिए माइनस एक (-1) नाम से एक नया सैलरी स्लैब या वेतन मैट्रिक्स बनाया गया है। इसके तहत अब मजदूरों को न्यूनतम 14,800 रुपये वेतन मिलेगा। लेबल-2 वाले मजदूरों का न्यूनतम वेतन 15,200 रुपये निर्धारित किया गया है। वर्तमान में एक नंबर वेतन मैट्रिक्स से चतुर्थवर्गीय रैंक के कर्मियों का स्लैब शुरू होता है।

बरौनी उर्वरक प्लांट के लिए एचयूआरएल को स्टांप ड्यूटी में मिली छूट
बरौनी उर्वरक प्लांट को फिर से स्थापित करने के लिए हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रस्तावित 480 एकड़ भूमि लीज एग्रीमेंट को 55 वर्षों के लिए हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) को स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें लगने वाले स्टांप शुल्क 216 करोड़ रुपये की छूट की स्वीकृति दी गयी है। इससे कंपनी को बड़ी राहत मिलेगी।

बिजली डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम दुरुस्त करने के लिए 1097 हजार
कैबिनेट की बैठक में बिजली वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए Rs 1000 करोड़ से ज्यादा की योजना मंजूर की गयी। इसके अलावा 400 केवी के तीन ग्रिड उपकेंद्र सीतामढ़ी, सहरसा और चंदौती से संबंधित डॉउनलिंक डिस्ट्रीब्यूशन के निर्माण के लिए Rs 1409 करोड़ और 33 केवी एवं 11 केवी लाइन के जीर्णोद्धार एवं नवीकरण के लिए Rs 3070 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गयी। 400 केवी के बख्तियापुर स्थित जीआइएस सब-स्टेशन को Rs 664 करोड़ और और बिहार ग्रिड कंपनी लिमिटेड की योजना के लिए Rs 1688 करोड़ जारी किये गये हैं।

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2018 में राज्यकर्मियों को दो छुट्टियां कम
वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2018 में राज्यकर्मियों को 36 की जगह 34 छुट्टियां ही मिलेंगी। दिनों की बात की जाये तो पांच दिनों की छुट्टी कम मिलेगी। इसका कारण वर्ष 2018 में गुरु गोविंद सिंह महाराज के 350वें प्रकाश पर्व और चंपारण महोत्सव का आयोजन नहीं होना है। 2017 में इन अायोजनों के कारण क्रमश: तीन और दो दिनों की छुट्टी मिली थी। इसके अलावा पर्व, त्योहारों व अन्य महोत्सवों में सरकारी छुट्टी सामान रूप से ही मिलेगी। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में नये वर्ष की इन छुट्टियों की मंजूरी मिल गयी।

कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
-राजगीर में बन रहे बिहार पुलिस एकेडमी के अवशेष निर्माण के लिए 290 करोड़ सात लाख की स्वीकृति और खर्च पर सहमति दी गई।
-कर्मनाशा नदी पर जैतपुरा पंप नगर योजना के निर्माण के लिए 39.43 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई।
-आईजीआईएमएस में मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज के निर्माण के लिए 115 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली।

-सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में एक-एक नये प्राक परीक्षा केंद्र का संचालन वर्ष 2017-18 से और गया, सारण, मुजफ्फरपुर एवं भोजपुर में प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन के लिए एक-एक पद की स्वीकृति दी गयी।
-पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान परिसर में स्टूडेंट गाइडेंस सेंटर प्रशिक्षण केंद्र के संचालन को भी स्वीकृति।
-बिहार कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सा पदाधिकारी संवर्ग नियमावली- 2017 की स्वीकृति।

-नवसृजित राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए प्रशाखा पदाधिकारी के तीन और सहायक के 12 पदों का सृजन। तीन उच्चवर्गीय और तीन निम्नवर्गीय लिपिक के स्थान पर छह डाटा इंट्री ऑपरेटर और छह कार्यालय परिचारी की सेवा ऑउटसोर्सिंग से लेने की मंजूरी दी गयी है।
-मनरेगा में वर्ष 2017-18 के लिए सहायक अनुदान के रूप में राज्यांश के तहत पर 334 करोड़ रुपये जारी।

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Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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