महागठबंधन में दरार :एंटी नोटबंदी रैली का समर्थन नहीं करेंगे कांग्रेस, जेडीयू

नोटबंदी के खिलाफ रैलियां करने जा रहे राष्‍ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव को झटका लगा है। उनके दोनों सहयोगी- कांग्रेस और नीतीश कुमार की जेडीयू ने 28 दिसंबर से बिहार में नोटबंदी के खिलाफ शुरू होने जा रहे उनके ‘महा धरना’ में शामिल न होने का फैसला किया है। महागठबंधन में दरार की बात सामने आ रही है।

जदयू ने कहा – हम इस मुद्दे पर अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटेंगे
वहीं, जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी कहा कि उनकी पार्टी नोटबंदी के खिलाफ राजद के आंदोलन में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटने वाली है। नीतीश कुमार ने कालाधन के खिलाफ नोटबंदी को मजबूत कदम मानते हुए इसका समर्थन किया था।

जदयू 50 दिनों के बाद नोटबंदी के प्रभाव की समीक्षा करेगा। उसके पहले किसी आंदोलन में शामिल होने का सवाल नहीं उठता है। इस फैसले के पीछे कोई ईगो-प्रॉब्लम नहीं है।

कांग्रेस दिल्ली में कर रही विरोध, बिहार में अलग
नोटबंदी के विरोध में कांग्रेस पार्टी एक तरफ विपक्षी दलों की दिल्ली में बैठक कर रही है वहीं दूसरी ओर बिहार में नोटबंदी के विरोध में खड़ा होने के लिये तैयार नहीं है। कांग्रेस की दिल्ली में होने वाली बैठक से जहां वाम दलों ने अपने-आप को किनारा कर लिया है, वहीं दूसरी ओर बिहार में कांग्रेस ने लालू के आंदोलन में शामिल होने से मना कर दिया है।

भाजपा ने कहा – लोगों को पता है लालू के पास है कालाधन
नोटबंदी को लेकर महागठबंधन में शामिल दलों के बीच अलग-थलग पड़े राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने बड़ा हमला बोला है। मुजफ्फरपुर में नित्यानंद राय ने कहा कि राजद के सहयोगी दलों को लगता है कि लालू के पास कालाधन है इसी लिए उनके महाधरने को सहयोगी दल उचित नहीं मान रहे।

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महागठबंधन में सब ठीक नहीं चल रहा
गौरतलब हो कि नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर लगातार हमले कर रहे लालू प्रसाद को कांग्रेस का सपोर्ट नहीं मिलने जा रहा है। अशोक चौधरी के इस बयान से एक बार फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है कि बिहार में महागठबंधन के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

हाल के दिनों ने लालू प्रसाद यादव ने अपने बयान में कहा था कि वह 28 दिसंबर को आयोजित धरना में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी बुलायेंगे। अब दोनों दलों के नकारने के बाद राजद अकेले ही इस आंदोलन की शुरुआत करेगा।

ईगो के चलते कुछ लोग नहीं आ रहे हैं साथ: लालू
इस मामले में मंगलवार को लालू प्रसाद यादव ने कहा कि अपने ईगो के चलते कुछ लोग उनके धरने में शामिल नहीं होना चाहते हैं। पूरा गठबंधन एक है। नोटबंदी से जनता परेशान है। हमलोगों को कोई उपाय नहीं दिखा तो धरना देने का फैसला किया है। बुधवार को हमारी पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से धरना देगी। लालू ने कहा कि इसके बाद मैं पूरे बिहार में घूमूंगा और जनता को नोटबंदी के खिलाफ एकजुट करूंगा। पटना में विशाल रैली भी करेंगे।

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