प्रकाश पर्व: नीतीश और पीएमओ ने ये क्या कर दिया जिसके कारण जमीन पर मंत्री बेटों के साथ दिखे लालू

गुरु गोविंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित समारोह में नीतीश कुमार ने पीएम के साथ मंच साझा किया। उनके बगल में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और रामविलास पासवान थे। दूसरी ओर बिहार के सत्ताधारी महागठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी राजद के मुखिया लालू प्रसाद अपने दोनों मंत्री बेटों (तेजस्वी व तेजप्रताप) के साथ सामने जमीन पर बैठे थे।

जानिए, क्या है मामला
सूत्रों के अनुसार मुख्य कार्यक्रम में पीएम के मंच पर केंद्रीय मंत्रियों को जगह नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने पीएमओ में शिकायत की। पीएमओ ने इन्हें मोदी के मंच पर जगह देने का निर्देश बिहार सरकार को दिया। वहां एक और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर मौजूद थीं। लेकिन इजाजत मिलने के बाद भी वे मंच पर नहीं गईं।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, उनके डिप्टी सीएम बेटे तेजस्वी यादव तथा दूसरे मंत्री बेटे तेजप्रताप यादव को मंच के सामने जमीन पर बैठना पड़ा।

पहले इन लोगों को मिली थी मंच पर जगह
नरेंद्र मोदी, पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बिहार के राज्यपाल राम नाथ कोविंद, पटना तख्त मंदिर के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कर, अमृतसर तख्त मंदिर के अध्यक्ष और बिहार के मुख्य सचिव।

क्या है प्रकाश पर्व?
गुरु गोविंद सिंह का जन्म 22 दिसंबर, 1666 को पटना में हुआ था। इस दिन को आगमन दिवस के रूप में मनाया जाता है। नानकशाही कैलेंडर में गोविंद सिंह के जन्मदिन को 5 जनवरी कर दिया गया। इस दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।

लालू बोले- क्या हर आदमी का नाम लेकर तारीफ करेंगे पीएम
लालू यादव ने नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक-दूसरे की तारीफ को लेकर निकाले जा रहे राजनीतिक मायनों को खारिज कर दिया। “पीएम ने इस बड़े प्रोग्राम के लिए नीतीश सरकार तारीफ की है। नीतीश कुमार सरकार के मुखिया हैं। महागठबंधन के सीएम हैं। पीएम ने पूरी सरकार की तारीफ की है। अब क्या अलग-अगल आदमी का नाम लेकर तारीफ करेंगे।” जब बीजेपी और नीतीश की बढ़ती नजदीकियों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “छानिएगा जलेबी और निकलेगा पकौड़ी।”

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश सिंह ने मुख्यमंत्री को निशाने पर लिया
राजद सुप्रीमो के साथ इस व्यवहार को लेकर राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि इससे जनता में गलत संदेश गया है। लोगों ने इसे पसंद नहीं किया है। इस व्यवस्था को देखना मुख्यमंत्री का काम था। राजद उपाध्यक्ष ने कहा कि लालू प्रसाद के साथ इस व्यवहार पर बाहर से आए अतिथियों ने भी आश्चर्य प्रकट किया।

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Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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