बिहार की बेटी ने आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता में हासिल किया प्रथम स्थान

बिहार में प्रतिभावानों की कमी नही है, बिहार के युवा हर जगह अपना परचम अपने कार्यो की बदौलत लहराते रहे हैं। आज हम बात कर रहे है बिहार के पूर्णिया के उर्सलाईन हिन्दी मीडियम की नौवीं कक्षा की छात्रा अंजली झा की जिन्हें अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

डाक विभाग द्वारा आयोजित बापू हमारे जीवन को कितने प्रेरित करते हैं विषय पर आयोजित ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता में अंजली 19 साल से कम उम्र वर्ग में पूरे देश में अव्वल आई है। अंजली को साबरमती आश्रम में डाक विभाग के सचिव ने पुरस्कृत किया।

पुरस्कार के रुप में उन्हें प्रशस्ति पत्र, मेडल, और पचास हजार रुपए का चेक दिया गया। अंजली कहती है कि उन्हें इस कामयाबी को लेकर काफी खुशी हुई। सबसे अधिक खुशी हुई कि उसने बापू के धाम साबरमती आश्रम को देखा।

श्रीनगर प्रखंड के बसैठ गांव निवासी मध्यम वर्गीय परिवार की ललनेन्द्र झा और सुधा देवी की बेटी अंजली की इस उपलब्धि से पूर्णिया वासी भी काफी खुश हैं। अंजली की मां ने कहा कि अंजली को शुरू से ही महात्मा गांधी के प्रति काफी लगाव था।

वहीं पिता ललनेन्द्द झा जो एलआईसी के एजेंट हैं उनका कहना है कि 28 सितम्बर को उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी पूरे देश में अव्वल आई है। डाक विभाग द्वारा ही हवाई जहाज का टिकट कटवाकर उन्हें अहमदाबाद भेजा गया।

2 अक्टूबर को डाक सचिव द्वारा जब अंजली को प्रथम पुरस्कार दिया गया तो उनका सर गर्व से उंचा उठ गया। आज वे लोग अहमदाबाद से पूर्णिया पहुंचे हैं।

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कम उम्र में अंजली ने इस प्रतियोगिता में देश में प्रथम स्थान लाकर अपने जिला और सूबे का नाम रौशन किया है। साथ ही अंजली ने बापू के जीवन की सच्चाई को अपने पत्र लेखन के माध्यम से उकेरने का सफल प्रयास किया है।

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