20 साल बाद बिहार फिर करेगा रणजी मैचों की मेजबानी

20 साल बाद बिहार को फिर रणजी ट्रॉफी मैचों की मेजबानी मिली है। मंगलवार को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी। बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट के नियम होम एंड अवे के अनुसार, बिहार की टीम आठ मैच रणजी में खेलेगी, जिनमें चार का आयोजन पटना में होगा। बिहार को इसके पूर्व 1997-98 के सत्र में रणजी ट्रॉफी मैचों की मेजबानी मिली थी।

22-25 फरवरी तक 1998 में मोइनुल हक स्टेडियम में बड़ौदा के खिलाफ हुए सुपर लीग मुकाबले में मेहमान टीम को बढ़त मिली थी, लेकिन बिहार मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा था। इसके अलावा बिहार अपने घर से बाहर अंतिम बार 2003-04 में रणजी मैच खेला था। जमशेदपुर में 25 से 28 दिसंबर तक 2004 में त्रिपुरा के खिलाफ हुआ प्लेट डिवीजन का मुकाबला ड्रॉ रहा था। बीसीए के सचिव रवि शंकर प्रसाद सिंह ने बताया कि बीसीसीआई ने बिहार को मेजबानी

20 साल बाद सौंपी है उस पर हमलोग सौ प्रतिशत खरा उतरने की कोशिश करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि अब बिहार के क्रिकेटरों को भी मुंबई, राजस्थान, विदर्भ जैसी टीमों से खेलने का मौका मिलेगा। वे इसका फायदा जरूर उठायेंगे।

रणजी ट्रॉफी : 1 से 4 नवंबर : बिहार-उत्तराखंड (मेजबान), 20 से 23 नवंबर : बिहार-पुडुचेरी(मेजबान), 28 नवंबर से 1 दिसंबर : बिहार(मेजबान)-सिक्किम, 6 से 9 दिसंबर : बिहार (मेजबान)-अरुणाचल प्रदेश, 14 से 17 दिसंबर: बिहार-मेघालय (मेजबान), 22 से 25 दिसंबर : बिहार(मेजबान)-नागालैंड, 30 दिसंबर 2018 से 2 जनवरी 2019 : बिहार-मिजोरम(मेजबान), 7 से 10 जनवरी : बिहार(मेजबान)-मणिपुर

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