बिहार के खेल प्रेमी निराश, IPL में बिहार को नहीं मिली जगह….

IPL 2017 में बिहार के शामिल होने की खबर महज कोरी अफवाह निकली। इस बार भी IPL में सिर्फ 8 टीम ही शामिल होगी।

बताते चलें कि कुछ दिनों पहले IPL में बिहार के शामिल होने की खबर वायरल हुई थी। वायरल खबर के मुताबिक बिहार की टीम को मगध वारियर का नाम भी दिया गया था।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बयान जारी कर यह जानकारी दी। बीसीसीआई ने बताया कि आठ फ्रेंचाइजी टीमें अधिकतम 143.33 करोड़ रुपये के पर्स के साथ नीलामी में उतरेंगी। टीमें अधिकतम 27 खिलाड़ी रख सकती हैं जिसमें 9 विदेशी खिलाड़ी शामिल होने चाहिए।

नीलामी में 20 विदेशी खिलाड़ियों समेत कुल 76 खिलाड़ियों को खरीदा जा सकेगा। शुक्रवार को खिलाड़ियों की पंजीकरण की समय सीमा खत्म होने के बाद खिलाड़ी नीलामी के लिए 750 से ज्यादा खिलाड़ियों ने अपना पंजीकरण कराया है। दिलचस्प बात है कि आईपीएल की पहली खिलाड़ी नीलाम साल 2008 में 20 फरवरी को ही आयोजित हुई थी।

नीलामी के एक दिन बाद होगी वर्कशॉप
नीलामी के अगले दिन यानि 21 फरवरी को आईपीएल फ्रेंचाइजी के लिए एक दिन की वर्कशॉप आयोजित होगी। नीलामी में सबसे ज्यादा पर्स किंग्स इलेवन पंजाब के पास बचा हुआ है। उसके पास खिलाड़ियों को खरीदने के लिए 23.35 करोड़ रुपये बचे हैं। पंजाब के पास इस समय पांच विदेशी खिलाड़ियों समेत 19 खिलाड़ी हैं। दिल्ली डेयरडेविल्स 23.10 करोड़ रुपये के बचे पर्स के साथ दूसरे नंबर पर है। दिल्ली के पास पांच विदेशी खिलाड़ियों समेत कुल 17 खिलाड़ी हैं।

किस फ्रेंचाइजी के पास बचे हैं कितने पैसे
सनराइजर्स हैदराबाद के पास 20.9 करोड़ रुपये, कोलकाता नाइटराइडर्स के पास 19.75 करोड़ रुपये, राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स के पास 17.5 करोड़ रुपये, गुजरात लायंस के पास 14.35 करोड़ रुपये, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास 12.82 करोड़ रुपये और मुंबई इंडियंस के पास 11.55 करोड़ रुपये का पर्स बचा हुआ है। कोलकाता के पास इस समय चार विदेशी सहित 14 खिलाड़ी, मुंबई के पास छह विदेशी सहित 20 खिलाड़ी, बेंगलुरु के पास आठ विदेशी सहित 20 खिलाड़ी, हैदराबाद के पास पांच विदेशी सहित 17 खिलाड़ी, पुणे के पास पांच विदेशी सहित 17 खिलाड़ी और गुजरात के पास छह विदेशी सहित 16 खिलाड़ी हैं।

किस टीम ने कितने कर दिए हैं खर्च
खिलाड़ियों पर खर्च के मामले में मुंबई की टीम सबसे आगे है, जिसने 54.44 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। बेंगलुरु ने 53.17 करोड़, गुजरात ने 51.65 करोड़, पुणे ने 48.5 करोड़, कोलकाता ने 46.25 करोड़, हैदराबाद ने 45.10 करोड़, दिल्ली ने 42.90 करोड़ और पंजाब ने 42.65 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

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Rohit Kumar

Founder- livebiharnews.in & Blogger- hinglishmehelp.com | STUDENT

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