गुड न्यूज़! सरकार के इस टेक्नोलॉजी से आसानी से मिल जाएगा आपका चोरी हुआ मोबाइल फोन

अक्सर ऐसा होता है आपका मोबाइल फोन चोरी होने या खोने के बाद उसका सिम कार्ड या आईएमआई नंबर बदलकर चोर उसकी पहचान बदल देता है। इस वजह से पुलिस को भी आपके खोए मोबाइल फोन को ढूंढ़ने में खासी दिक्कत होती है। लेकिन अब सरकार इसका भी एक समाधान लेकर आने वाली है।

मिली जानकारी के अनुसार सरकार अगले महीने एक टेक्नोलॉजी समाधान पेश करने जा रही है, जिससे देश में उपयोग हो रहे मोबाइल फोन के गुम होने या चोरी होने की स्थिति में उसकी खोज की जा सकेगी। इस टेक्नोलॉजी की खास बात यह होगी कि मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकाल दिए जाने या उसका आइएमईआइ नंबर बदल दिए जाने के बाद भी नई टेक्नोलॉजी से मोबाइल फोन का पता लगाया जा सकेगा। इस तकनीक को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने तैयार किया है और इसे अगस्त में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

दूरसंचार विभाग ने फोन की जालसाजी और चोरी में कमी लाने के लिए जुलाई 2017 में मोबाइल फोन ट्रैकिंग प्रॉजेक्ट ‘सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर)’ को शुरू किया था। सरकार ने देश में सीईआईआर के सेटअप के लिए 15 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है, जो मोबाइल फोन की चोरी और नकली फोन के धंधे को कम करने के लिए काम करेगा।

सीईआईआर सिस्टम किसी भी चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन के किसी भी नेटवर्क पर सभी सर्विसेज को ब्लॉक कर देगा, भले ही सिम कार्ड हटा दिया गया हो या हैंडसेट का आईएमईआई नंबर बदल दिया गया हो।

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यह सिस्टम सभी मोबाइल ऑपरेटरों के आईएमईआई डेटाबेस को कनेक्ट करेगा। यह सभी नेटवर्क ऑपरेटर्स के लिए सेंट्रल सिस्टम की तरह काम करेगा, जहां वे ब्लैक लिस्ट किए हुए मोबाइल टर्मिनल को शेयर कर सकेंगे ताकि किसी भी नेटवर्क में ब्लैकलिस्ट की गई डिवाइस दूसरे नेटवर्क में काम न करे, फिर चाहे सिम कार्ड बदल ही क्यों न दिया गया हो।

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