पीएम मोदी ने सिंगापुर में खरीदी मधुबनी पेंटिंग, …जानिए

मधुबनी पेंटिंग का डंका आज पूरी दुनिया में बज रहा है। मसलन देश ही नहीं, दुनिया के विकसित राष्ट्र मधुबनी पेंटिंग की विशिष्टता पर मोहित हैं। तभी तो तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में सिंगापुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यहां के इंडियन हेरिटेज सेंटर में विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग खरीदी। इससे पहले चीन दौरे पर जाते समय भी पीएम मोदी जिस शॉल को अपने कंधे पर रखे हुए थे, मधुबनी पेंटिंग उसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहा था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मिथिला पेटिंग से इतना जुड़ाव यह बताने को काफी है कि यह पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो रही है।

खास बात ये है कि उन्होंने डिजिटल इंडिया की मुहिम को बढ़ाते हुए इसका भुगतान अपने रुपे (Rupay) कार्ड से किया। इसके बाद उन्‍होंने ट्वीट कर कहा कि सिंगापुर और भारत को नजदीक लाने में इंडियन हेरिटेज सेंटर का यह सराहनीय प्रयास है। रुपे कार्ड का इस्तेमाल कर मैंने बहुत बढ़िया मधुबनी पेंटिंग खरीदी।

मधुबनी पेंटिंग पूरी दुनिया में हो रही प्रसिद्ध
मधुबनी पेटिंग बिहार से निकलकर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो रही है। कभी गंदे स्‍टेशनों में गिने जाने वाले मधुबनी स्‍टेशन को इस पे‍ंटिंग से सजाने के बाद रेलवे की ओर से पुरस्‍कार मिला। पटना जंक्‍शन को मधुबनी पेंटिंग से सजाया जा रहा है। खुद बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी पे‍ंटिंग संस्थान की स्थापना और सुचारू संचालन का निर्णय लिया। देश-विदेश में मधुबनी पेंटिंग की मांग दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। यही नहीं, मधुबनी पे‍ंटिंग के लिए तीन शिल्पियों को पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है।

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मधुबनी के भाजपा सांसद हुक्मदेव नारायण यादव ने इस संबंध में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोक कलाओ के उन्नयन को सदा तत्पर रहते हैं। सिंगापुर में मधुबनी पेंटिंग की तरफ उनका आकर्षित होना हमारी इस लोक कला की ऊंचाई को दर्शाता है। मधुबनी पेेंटिंग को विश्व फलक पर स्थापित करने मेें भारत सरकार कितना गंभीर है यह प्रधानमंत्री के सिंगापुर दौरे में भी स्पष्ट हो गया। मधुबनी पेंटिंग कलाकारों के लिए यह निश्वित तौर पर गौरव का विषय है।

बता दें कि सिंगापुर में स्थित इंडियन हेरिटेज सेंटर भारतीय-सिंगापुर लोगों की संस्कृति, विरासत और इतिहास को दिखाता है। इस सेंटर का उद्घाटन बीते 7 मई को किया गया था।

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