जय बिहार की गूंज के साथ शराबबंदी के समर्थन में इतिहास रच बिहार ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

बिहार में सूरज शनिवार सुबह रोज की तरह ही उगा, लेकिन ढलने से पहले इतिहास के एक ऐसे पन्ने का साक्षी बन चुका है जो अरसे तक राज्य के चेहरे को रोशन करता रहेगा।

जी हां! नशामुक्ति के संकल्प को स्वर एवं बल देने के लिए विश्व की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनाकर इतिहास रचने के लिए आज पूरा बिहार एक जुट हुआ।

आज सुबह से ही पूरे बिहार में चहल-पहल देखी जा रही थी। बिहार के लोग खुद को खुशनसीब मान रहे हैं और इसे लेकर उत्साहित थें।

दो करोड़ लोग नशे के खिलाफ एक दूसरे का हाथ थामकर 11292 किमी लंबी मानव शृंखला का निर्माण करने के लिए जगह-जगह इकट्ठा हुए थें।

मानव श्रृंखला का निर्माण दोपहर 12:15 बजे हुआ, मुख्य समारोह गांधी मैदान में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुब्बारा उड़ाकर समारोह का उद्घाटन किया। बिहार गीत और जय-जय बिहार से पूरा बिहार गुंजायमान हुआ।

मुख्यमंत्री के साथ गांधी मैदान में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित बिहार के सभी गणमान्य लोग उपस्थित हुए। लोगों के चेहरे पर मुस्कान, बच्चों के मन में उत्साह और महिलाओं के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था।

गांधी मैदान से शुरू हुईं चार श्रृंखलाएं
– गांधी मैदान के 8.5 एकड़ एरिया में बिहार के नक्शे पर मानव श्रृंखला बनाई गई। नक्शे के किनारे पर करीब 5,463 लोग हाथ में हाथ थामे खड़े हुए।
– नक्शे के अंदर बिहार का नाम और शराब की बोतल को क्रॉस करती तस्वीर दिखाई गई थी।

एक-दूसरे से जुड़ी राज्य की चारों दिशाएं
– मानव श्रृंखला का मुख्य हिस्सा पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक 3007 किमी लंबा होगा। इसमें करीब 56 लाख लोग शामिल हुए।
– उत्तर बिहार में मानव श्रृंखला का प्रस्तावित रूट 1821 किमी, जबकि दक्षिण बिहार में 1186 किलोमीटर का था।
– उत्तर बिहार की श्रृंखला दक्षिण बिहार से महात्मा गांधी सेतु, राजेन्द्र सेतु और विक्रमशिला सेतु पर मिली।
– इसके अलावा जिलों के अंदर की सड़कों पर 8,285 किमी लंबी श्रृंखला बनेगी, जिसमें 1.5 करोड़ लोगों शामिल हुए।

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खास बातें
– इस मानव श्रृंखला की 5 सैटेलाइट, 38 ड्रोन व 6 हैलिकॉप्टर से फोटो ली गई।
– मानव श्रृंखला के रिकॉर्ड को देखने के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम पहुंची।

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